जेपी नड़डा ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर विपक्ष के रूख को गैर जिम्मेदाराना करार दिया, कहा-सरकार संसद को देगी जानकारी
सरकार संसद में अमेरिका-व्यापार समझौते पर वक्तव्य देगी
नई दिल्ली में राज्यसभा में सरकार ने विपक्षी आलोचना को गैर जिम्मेदाराना बताया। जल्द ही मंत्री अमेरिका-व्यापार समझौते की जानकारी संसद को देंगे। स्वास्थ्य योजनाओं से इलाज का खर्च घटा।
नई दिल्ली। सरकार ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर संसद में विपक्ष के रूख को गैर जिम्मेदाराना करार देते हुए कहा है कि इस संबंध में जल्द ही संसद में एक वक्तव्य दिया जायेगा और संबंधित मंत्री भी समझौते के बारे में संसद को जानकारी देंगे। राज्यसभा में मंगलवार को विपक्षी सदस्यों ने इस बात पर कड़ी आपत्ति जतायी कि संसद को इस समझौते की जानकारी नहीं दी गयी और अमेरिका की ओर से सोशल मीडिया पर समझौते की बात कही गयी। विपक्षी सदस्यों ने इस पर सरकार से वक्तव्य देने की मांग की। सदस्यों ने इस मुद्दे को लेकर सदन में शोर शराबा किया।
नेता सदन जगत प्रकाश नड्डा ने इसे विपक्ष का गैर जिम्मेदाराना रवैया बताते हुए कहा कि सरकार जल्द ही संसद को इस समझौते के बारे में जानकारी देगी । उन्होंने कहा कि संबंधित मंत्री भी इस बारे में वक्तव्य देंगे। उन्होंने कहा कि विपक्ष को हताशा में गैर जिम्मेदाराना रूख नहीं अपनाना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि अच्छाई में भी बुराई खोजना उसकी आदत बन गयी है। उन्होंने कहा कि इस तरह का तरीका प्रजातंत्र के लिए घातक है।
उन्होंने कहा कि कल देर रात अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस समझौते के बारे में ट्वीट कर जानकारी दी थी और उसके बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि सरकार संसद को भी सब कुछ बताने के लिए तैयार है और विपक्ष को संयम बरतना चाहिए।
इसके आगे स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा ने मंगलवार को कहा कि पिछले 10 साल में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के कारण इलाज पर लोगों का खर्च काफी कम हो गया है। नड्डा ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न के उत्तर में बताया कि लोगों को सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं और दवाइयां मुहैया कराने के लिए सरकार ने कई योजनाएं शुरू की हैं। इनके परिणाम स्वरूप पिछले 10 साल में लोगों द्वारा अपनी जेब से इलाज पर किया गया खर्च 62.6 प्रतिशत से घटकर 39.4 प्रतिशत रह गया है। इससे आम लोगों को काफी राहत मिली है।
उन्होंने कहा बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत सरकार जिला स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराती है। इसके अलावा, जन औषधि केंद्रों पर जेनरिक दवाएं ब्रांडेड दवाओं की तुलना में 80 प्रतिशत तक कम कीमत पर उपलब्ध हैं। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत गरीबों को साल में पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है। सस्ती दवाओं के लिए अमृत फार्मेसी शुरू की गयी है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इन सभी योजनाओं के कारण इलाज पर आम लोगों के खर्च में कमी आयी है। दवाओं की ऊंची कीमतों के बारे में पूछे गये एक प्रश्न के उत्तर में जे. पी. नड्डा ने कहा कि दवाओं के मूल्य निर्धारण के तीन उद्देश्य हैं-दवाएं लोगों की पहुंच के भीतर हों, फार्मा उद्योग की वृद्धि बनी रहे और लोगों को रोजगार मिलता रहे।
एक अन्य पूरक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बताया कि कैंसर की 63 दवाओं की मूल्य सीमा तय है। इसके साथ ही कैंसर के इलाज में काम आने वाले 132 में 131 शिड्यूल फॉर्मूलेशन के लिए भी अधिकतम कीमत तय है।

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