बंटवारे पर परिवार उजड़े, अपने बिछड़े... मोदी ने विभाजन की त्रासदी का किया स्मरण
अपने बिछड़ गए और लोगों ने भारी दुख सहा
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर बंटवारे के पीड़ितों और उससे बचे लोगों का स्मरण किया। उन्होंने देश के बंटवारे से हुए भारी मानवीय दुख का स्मरण करते हुए उन लोगों की तारीफ़ की, जिन्होंने उस सदमे से उबरकर अपनी जिंदगी को फिर से संवारा। मोदी ने आज इस मौके पर कहा कि बंटवारे ने कई जिंदगियां तहस-नहस कर दीं, परिवारों को उखाड़ फेंका, अपनों को अलग कर दिया और बंटवारे के दोनों तरफ़ के लोगों को भारी दुख पहुंचाया। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, आज हम विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मना रहे हैं। हम उन सभी लोगों के साहस को याद करते हैं जो बंटवारे से प्रभावित हुए थे। मोदी ने कहा, यह इतिहास का वह पल था जिसने कई जिंदगियां तहस-नहस कर दीं। परिवार उजड़ गए, अपने बिछड़ गए और लोगों ने भारी दुख सहा।
उन्होंने तबाही के बावजूद बंटवारे से बचे लोगों के अपनी जिंदगी को फिर से संवारने के संकल्प पर जोर दिया। उन्होंने कहा, इससे उबरते हुए, लोगों ने अपनी जिंदगी को फिर से संवारा, मुश्किलों को कामयाबी में बदला और हमारे देश की तरक्की में बड़ा योगदान दिया। मोदी ने कहा कि बंटवारे का दर्द सहने वाले लोगों का सफऱ इंसानी हिम्मत और जज्बे की मिसाल बना हुआ है। उन्होंने कहा, उनकी जिंदगी का सफऱ हमें इंसानी जज्बे की ताकत की समरण कराता है। प्रधानमंत्री ने इस मौके पर देश के सांप्रदायिक सछ्वाव, भाईचारे और राष्ट्रीय एकता के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत करने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा, यह दिन हमारे देश में सछ्वाव और भाईचारे को बनाए रखने और मिलकर 'विकसित भारत' बनाने की दिशा में काम करने के हमारे संकल्प को और मजबूत करे।
उल्लेखनीय है कि 1947 में भारत के बंटवारे से जुड़े दुख, विस्थापन और जान-माल के नुकसान का स्मरण करने के लिए हर साल 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया जाता है। इस बंटवारे के कारण आधुनिक इतिहास का सबसे बड़ा सामूहिक पलायन हुआ, जिसमें बड़े पैमाने पर सांप्रदायिक ङ्क्षहसा के बीच लाखों लोगों ने भारत और पाकिस्तान के बीच बनी नई सीमाओं को पार किया। मोदी सरकार ने 2021 में इस दिन को मनाने की घोषणा की थी। सरकार का कहना था कि इसका मकसद बंटवारे के दौरान लोगों द्वारा सहे गए दुख का स्मरण करना और सामाजिक सछ्वाव बनाए रखने तथा बंटवारे और नफऱत को दोबारा होने से रोकने के महत्व को रेखांकित करना है।

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