चुनाव आयोग पर विपक्ष का हमला तेज, संजय राउत बोले- 10 अक्टूबर को दिल्ली में होगा बड़ा संयुक्त विरोध प्रदर्शन
युवाओं के मुद्दों को उठाने का दिया आश्वासन
मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर हमला बोलते हुए कहा है कि अभी हो रहे विरोध-प्रदर्शन असल में देशव्यापी बड़े टकराव की शुरुआत भर हैं। राउत ने 10 अक्टूबर को राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर एक बड़े विरोध-प्रदर्शन का ऐलान करते हुए चेतावनी दी कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अकेले काम नहीं कर सकते। आखिरकार केंद्र सरकार को जनता को जवाब देना होगा।
राउत ने कहा कि देश में असंतोष की भावना उबल रही है और निराश युवा पीढ़ी पक्षपाती राजनीति और खोखले दावों से तंग आ चुकी है और सत्ताधारी सरकार का कड़ा विरोध कर रही है। उन्होंने अंधसमर्थकों की राजनीतिक अहमियत को खारिज करते हुए कहा कि आज के युवाओं को अपनी आजीविका और अस्तित्व की चिंता है और वे मौजूदा शासन व्यवस्था को और बर्दाश्त करने को तैयार नहीं हैं।
स्थानीय विरोध-प्रदर्शनों के बाद 10 अक्टूबर को राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर विपक्ष का एक बड़ा संयुक्त मार्च आयोजित किया जाएगा, जिसमें संस्थागत पक्षपात और चुनावी हेरफेर का विरोध किया जाएगा। विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग तेज कर दी है। विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग व्यवस्थित रूप से मतदाताओं को उनके अधिकारों से वंचित कर रहा है, जनादेश में हेरफेर कर रहा है और सत्ताधारी पार्टी के एक अंग के तौर पर काम कर रहा है।
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और मनसे प्रमुख राज ठाकरे की संयुक्त अगुवाई में शुरू किए गए 'संयुक्त विपक्षी मोर्चा' को कांग्रेस, राकांपा (शरद पवार गुट), वामपंथी दलों और पीजेंट्स एंड वर्कर्स पार्टी का समर्थन मिला है। राउत ने स्थानीय मुद्दों पर बात करते हुए पुष्टि की कि वह व्यक्तिगत रूप से पुणे जाएंगे और विरोध कर रहे छात्रों के साथ एकजुटता दिखाएंगे। वह पार्टी नेताओं के साथ मिलकर परिवहन और आपूर्ति व्यवस्था में आने वाली बाधाओं को पार करते हुए युवाओं की शिकायतों को सीधे सुनेंगे और उन पर बात करेंगे।

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