patient
<% catList.forEach(function(cat){ %> <%= cat.label %> <% }); %>
<%- node_title %>
Published On
By <%= createdBy.user_fullname %>
<%- node_title %>
Published On
By <%= createdBy.user_fullname %>
<% if(node_description!==false) { %> <%= node_description %>
<% } %> <% catList.forEach(function(cat){ %> <%= cat.label %> <% }); %>
Read More... तीन बार सीपीआर दिया, तब लौटी प्रसूता की धड़कनें, पांचवें दिन भी वेंटिलेटर पर जिंदगी की जंग लड़ रही पुष्पा
Published On
By kota
प्रसव के बाद तेज रक्तस्राव, 5-6 यूनिट खून चढ़ाने के बाद हालत बिगड़ने पर कोटा किया था रेफर। 110 किलोवाट का सोलर, फिर भी बिजली बिल का करंट झेल रहा अस्पताल
Published On
By kota
चिकित्सा प्रभारी बोले-उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाकर अस्पताल में सोलर क्षमता बढ़ाने का करेंगे प्रयास। voice of gen-z & alpha : इलाज पहले या पैसों का हिसाब? मानवता को प्राथमिकता देने की उठी आवाज
Published On
By kota
युवाओं ने कहा, गंभीर मरीजों को पहले मिले उपचार, गरीबों के लिए बने रियायत की नीति। असर खबर का : दूसरे दिन भी चिकित्सा टीम ने शंभूपुरा का किया घर-घर सर्वे
Published On
By kota
गंभीर संक्रमण के मरीज को इलाज के लिए एमबीएस किया रैफर। इलाज कराएं या दिहाड़ी बचाएं, शंभुपुरा वासियों के सामने दो वक्त की रोटी का संकट, 24 किमी दूर मरीज को अस्पताल लेकर आने - जाने में 400 से 500 रुपए होते खर्च
Published On
By kota
हाइवे किनारे बसा वार्ड, फिर भी परिवहन से दूर। कोटा मेडिकल कॉलेज हादसा : 15 दिन में आनी थी रिपोर्ट, 3 माह से इंतजार
Published On
By kota
कैथेटर सहित 6 मेडिकल डिवाइसों की जांच रिपोर्ट अटकी, अस्पतालों में हो रही किल्लत, भेजा रिमाइंडर। 6 माह गुजरे जाने, नहीं खुल पाई मदर लैब
Published On
By kota
कीमती मशीनें 4 महीने बाद भी पैकिंग से बाहर नहीं निकल सकीं। असर खबर का : अवैध वाहनों पर परिवहन विभाग की सख्त कार्रवाई शुरू
Published On
By kota
अस्पताल परिसर में नियम उल्लंघन पर 150 वाहनों को नोटिस जारी मरीज निजी अस्पताल में भर्ती, सरकारी मशीनरी रिपोर्ट में कह रही स्वस्थ
Published On
By kota
गंभीर रूप से बीमार एक मरीज का कोटा के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। ब्लड सप्लाई रुकने से पैर कटने की नौबत, जयपुर के डॉक्टरों ने सर्जरी कर बचाई जिंदगी
Published On
By Jaipur NM
जयपुर के मणिपाल हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने एंडोवेस्कुलर तकनीक से जटिल वैस्कुलर सर्जरी कर मरीज खातुम बानू का पैर कटने से बचा लिया। ब्लड सप्लाई रुकने से पैर की उंगलियां काली पड़ चुकी थीं। वैस्कुलर सर्जन डॉ. गोविन्द प्रसाद दुबे की टीम ने एंजियोप्लास्टी कर ब्लॉकेज हटाए और रक्त संचार बहाल किया। अरनेठा पीएचसी में डॉक्टर पद रिक्त, मरीज परेशान
Published On
By kota
एक माह से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित, नियुक्ति की मांग तेज। चाहे दवा का रैपर कट फट जाए, मरीज की सुरक्षा के लिए हर हाल में एक्सपायरी डेट मिले
Published On
By kota
दवाओं की एक्सपायरी डेट सुनिश्चित करने के लिए क्या कोड नंबर सिस्टम होना चाहिए? 