BREAKING : दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा, बस-ट्रक टक्कर में 8 की मौत
भीषण आग ने यात्रियों को संभलने तक का मौका नहीं दिया
दौसा। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बुधवार तड़के सड़क निजी बस एवं ट्रक के बीच हुई भीषण हादसे में बस में सवार 8 यात्रियों की झुलसने से मौत हो गई तथा 22 अन्य यात्री घायल हो गए। इधर घटना की जानकारी मिलने के साथ कोलवा पुलिस मौके पर पहुंची तथा घायलों को तत्काल श्री रामकरण जोशी राजकीय जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया। उधर दौसा सांसद मुरारीलाल मीणा, जिला कलेक्टर डॉ सौम्या झा, पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित चिकित्सालय पहुंचे और घायलों की कुशलक्षेम पूछी तथा चिकित्सको को चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ करने निर्देश दिए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार दौसा जिले के कोलवा थाना क्षेत्र में सुबह करीब 3 बजे एक तेज रफ्तार बस आगे चल रहे ट्रक से बेकाबू होकर टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि देखते ही देखते दोनों वाहनों ने आग पकड़ ली और वे धू-धू कर जलने लगे। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हादसे में अब तक 8 लोगों की झुलसने से मौत हो गई, तथा 22 अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हैं। आशंका जताई जा रही है कि एक्सप्रेसवे पर दौड़ रही बस के ड्राइवर को अचानक झपकी आ गई, जिसके कारण वह वाहन पर से नियंत्रण खो बैठा और यह भयावह हादसा हो गया।
6 यात्री जिंदा झुलसे, 2 की चोट लगने से गई जान
दौसा एसपी पीयूष दीक्षित ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि यह एक्सीडेंट बुधवार सुबह 3 बजे कोलवा थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक्सप्रेसवे पर हुआ। दुर्घटना के बाद लगी भीषण आग ने यात्रियों को संभलने तक का मौका नहीं दिया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार:
आग में झुलसने से मौत: हादसे का शिकार हुए मृतकों में से 6 लोगों की मौत आग की लपटों में जिंदा झुलसने के कारण हुई है।
चोट के कारण दम तोड़ा: वहीं, 2 अन्य यात्रियों की मौत टक्कर के दौरान सिर में गंभीर चोट लगने की वजह से हुई है। हादसे में घायल सभी 22 यात्रियों को तुरंत दौसा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कइयों की हालत नाजुक बनी हुई है और चिकित्सक उनका उपचार कर रहे हैं।
एक घंटे तक बस में फंसे रहे लोग: रेस्क्यू टीम और दमकल पर देरी के आरोप घटना को लेकर स्थानीय लोगों और चश्मदीदों में प्रशासन के खिलाफ खासा आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों का आरोप है कि मौके पर एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां बेहद देरी से पहुंचीं।
3:20 पर दी गई थी सूचना: स्थानीय लोगों के अनुसार, एक्सीडेंट और दोनों वाहनों में आग लगने की जानकारी सुबह करीब 3:20 बजे ही स्थानीय पुलिस और एक्सप्रेसवे मैनेजमेंट के कंट्रोल रूम को दे दी गई थी।
घंटों मची रही चीख-पुकार: फायर ब्रिगेड की गाड़ियां वक्त पर नहीं पहुंचने के कारण आग ने विकराल रूप ले लिया। हादसे के करीब एक घंटे बाद जैसे-तैसे बस की खिड़कियों और दरवाजों को तोड़कर भीतर फंसे हुए चीखते-चिल्लाते यात्रियों को बाहर निकाला जा सका।
एक्सप्रेसवे के कैमरों की जांच शुरू, यात्रियों की शिनाख्त के प्रयास जारी
कोलवा थाना पुलिस और जिला प्रशासन अब इस बात की जांच में जुटा है कि स्लीपर बस कहां से आ रही थी और इसे कहां जाना था। बस में सवार यात्रियों और मृतकों की आधिकारिक शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस ने एक्सप्रेसवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है ताकि हादसे के ठीक पहले की स्थिति और वाहनों की रफ्तार का सटीक पता लगाया जा सके। वही दूसरी ओर पुलिस यात्रियों की पहचान में जुट गई है।

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