आरआईसी में 1-2 अक्टूबर को होगा दो दिवसीय सेमिनार, पूर्वोत्तर भारत की कला-संस्कृति और सामाजिक जीवन पर होगी चर्चा
पूर्वोत्तर भारत की कला और संस्कृति पर देशभर के 12 विद्वान करेंगे मंथन
जयपुर। ऑक्टेव-2026 के तहत राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (आरआईसी) में 1 और 2 अक्टूबर को दो दिवसीय सेमिनार होगा, जिसमें देशभर के 12 विद्वान पूर्वोत्तर भारत की कला, संस्कृति और सामाजिक जीवन पर विचार-विमर्श करेंगे। पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, उदयपुर के निदेशक डॉ. आश्विन एम. दलवी ने बताया कि केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत होने वाला यह सेमिनार आरआईसी के मिनी ऑडिटोरियम-2 (प्रथम तल) में गुरुवार सुबह 10 बजे से शुरू होगा।
सेमिनार में अरुणाचल प्रदेश से डॉ. तारो सिंदिक, असम से डॉ. असीम बोरा और दिलीप कुमार कालिता, मणिपुर से डॉ. युमनम भूमेश्वर सिंह, मेघालय से मोनिका चंदा, मिजोरम से अलफ्रेड जोथानसंग, नागालैंड से प्रोफेसर रवि राजन, सिक्किम से डॉ. संतोष कुमार व डॉ. पूजा बासनेत और त्रिपुरा से डॉ. परमीत परना पॉल सहित अन्य विद्वान भाग लेंगे। संयोजक सिक्किम विश्वविद्यालय के प्रो. संतोष कुमार होंगे। परिचर्चाओं में पूर्वोत्तर के जनजीवन, सांस्कृतिक विशिष्टताओं, पारंपरिक कलाओं और बदलते सामाजिक परिवेश पर चिंतन होगा। डॉ. दलवी के अनुसार सेमिनार के निष्कर्षों को दस्तावेज के रूप में संकलित किया जाएगा, जो आगे पूर्वोत्तर की कला-संस्कृति के अध्ययन में उपयोगी होगा।

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