कैट की बड़ी जीत : 15 अक्टूबर से लगने वाला UPI शुल्क अब दिवाली तक स्थगित, सुरेश पाटोदिया ने जताया आभार
प्रस्ताव को अब 1 जनवरी 2027 तक के लिए स्थगित किया
जयपुर। अखिल भारतीय व्यापारी परिसंघ (CAIT) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुरेश पाटोदिया ने आगामी त्योहारी सीजन के मद्देनजर केंद्र सरकार और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) मर्चेंट शुल्कों को टालने के फैसले का पुरजोर स्वागत किया है। उन्होंने बताया कि व्यापारियों और व्यापारिक संगठनों की मांग को स्वीकार करते हुए सरकार ने 15 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाले 0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) शुल्क के प्रस्ताव को अब 1 जनवरी 2027 तक के लिए स्थगित कर दिया है।
कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुरेश पाटोदिया ने कहा कि अक्टूबर से दिसंबर का समय देश के छोटे और बड़े खुदरा व्यापारियों के लिए पूरे साल का सबसे मुख्य कारोबारी सीजन (फेस्टिव सीजन) होता है। ऐसे समय में यदि 2,000 रुपये से अधिक के चुनिंदा मर्चेंट पेमेंट्स पर शुल्क लागू कर दिया जाता, तो इससे न केवल डिजिटल लेनदेन की रफ्तार धीमी पड़ती, बल्कि बाजारों में भारी भ्रम और मंदी की स्थिति बन जाती।
त्योहारी सीजन में छोटे व्यापारियों को मिली संजीवनी :
सुरेश पाटोदिया ने इस राहतकारी निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्रालय के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस स्थगन से देश के करोड़ों छोटे दुकानदारों, ग्राहकों और डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम को बहुत बड़ी राहत मिली है। अब व्यापारी और उपभोक्ता बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय चिंता के त्योहारों की खरीदारी में डिजिटल लेनदेन का खुलकर उपयोग कर सकेंगे।
उन्होंने व्यापारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि 'कैट' लगातार सरकार और NPCI के साथ बातचीत कर रहा है ताकि 40 लाख रुपये तक के सालाना टर्नओवर वाले छोटे व्यवसायों को आगे भी इन नियमों से पूरी तरह मुक्त रखा जा सके। इसके साथ ही उन्होंने आम जनता को यह भी याद दिलाया कि आम ग्राहकों के लिए व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) लेनदेन हमेशा की तरह पूरी तरह निःशुल्क बना रहेगा।

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