भाजपा मंत्री उस आरएसएस की भाषा बोलते हैं, जिसने कभी महिलाओं का सम्मान नहीं किया : सारिका सिंह

सरकार से उनको राहत दिलाने के लिए हमारा संगठन मजबूती से काम करेगा

भाजपा मंत्री उस आरएसएस की भाषा बोलते हैं, जिसने कभी महिलाओं का सम्मान नहीं किया : सारिका सिंह

मंत्री अविनाश गहलोत पर निशाना साधते हुए भाजपा की सोच और मानसिकता पर सवाल उठाए हैं

जयपुर। प्रदेश महिला कांगे्रस की नवनियुक्त अध्यक्ष सारिका सिंह ने भजनलाल सरकार के खिलाफ तीखे तेवर दिखाते हुए पूर्व पीएम इंदिरा गांधी पर टिप्पणी करने वाले मंत्री अविनाश गहलोत पर निशाना साधते हुए भाजपा की सोच और मानसिकता पर सवाल उठाए हैं। सिंह ने भाजपा मंत्रियों सहित आरएसएस को भी जमकर घेरा है। साथ ही, आगामी दिनों में महिला अत्याचारों को लेकर सरकार के खिलाफ गतिविधियां शुरू करने का ऐलान किया हैं।

सवाल: हाल ही में मंत्री अविनाश गहलोत ने पूर्व पीएम इंदिरा गांधी पर टिप्पणी की थी। महिला कांग्रेस मंत्री की इस टिप्पणी पर क्या राय रखती है।

जवाब: भाजपा के पास खुद की कोई विचारधारा नहीं है। वो आरएसएस की विचारधारा पर चलते हैं। आरएसएस ने कभी भी महिलाओं को कभी भी इज्जत नहीं दी, सम्मान नहीं दिया। हमेशा दोयम दर्जे का मानते हैं। यह किसी से छुपा नहीं है। इंदिरा गांधी देश की एक मात्र ऐसी महिला पीएम थी, जिनको भाजपा नेताओं ने आयरन लेडी और दुर्गा जैसी उपाधियां दी। पूरे विश्व में जिन्होंने अपना लोह मनवाया। भाजपा के मंत्री उस आरएसएस की भाषा बोलते हैं, जिसने कभी महिलाओं का सम्मान नहीं किया। ये कल के बने हुए नेता उनके लिए विधानसभा जैसे जिम्मेदार सदन में ऐसी भाषा का इस्तेमाल करते है। यह तो भाजपा के लिए ज्यादा शर्मनाक है कि वो क्या परिपार्टी प्रदेश में लाना चाहते हैं। इस सरकार के पास कोई मुद्दे नहीं है। पॉवरलैस मंत्रियों को अपने अधिकारों का पता नहीं है। जब आपके पास जनता के लिए ठोस रोडमैप नहीं है तो ये केवल इस तरह की बातें ही कर सकते हैं।

सवाल: प्रदेश में महिला अत्याचारों की घटनाओं पर प्रदेश महिला कांग्रेस कैसे विरोध जताकर सरकार को घेरेगी।
जवाब: हम बहुत जल्दी संगठन में बदलाव करेंगे। संगठन में नियुक्तियों के बाद ऐसा रोडमैप बनाएंगे, कि प्रदेश में जहां भी महिलाओं, बेटियों के साथ अत्याचार या उत्पीड़न होगी। वहां महिला कांगे्रस कार्यकर्ता उनसे मुलाकात कर उनकी आवाज उठाएंगी। संगठन में ब्लॉक, जिला स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक घटनाओं के अनुसार विरोध दर्ज कराया जाएगा। पूरी कांग्रेस ऐसी पीड़िताओं के साथ खड़ी रहेगी। सरकार से उनको राहत दिलाने के लिए हमारा संगठन मजबूती से काम करेगा।

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सवाल: लंबे समय से निष्क्रिय महिला प्रदेश कांग्रेस संगठन में सक्रिय गतिविधियां बढ़ाने के लिए क्या करेंगे।
जवाब: मेरी नियुक्ति के बाद मैं 17 मार्च को पीसीसी मुख्यालय में पदभार ग्रहण करुंगी। हमारी राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा, प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा सहित प्रदेश के सभी वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में पदभार ग्रहण करने के बाद हम जल्दी ही प्रदेशभर में संगठन निर्मित करने में जुट जाएंगे। संगठन पहले भी निष्क्रिय नहीं था। महिलाओं से जुड़े मुद्दे सामने आने के बाद गतिविधियां की गई थी, अब सरकार को घेरने के लिए अधिक सक्रियता से गतिविधियां की जाएंगी।

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सवाल: महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण को अभी तक लागू नहीं किया। कांग्रेस इस मुद्दे पर कैसे दवाब बनाएगी।
जवाब: एनडीए गठबंधन की सरकार ने जुमला देकर इसे लोकसभा में पास करा लिया, लेकिन इसे कमेटी में डालकर लंबित कर दिया। कांग्रेस पार्टी इसका पुरजोर विरोध करती है। महिला कांग्रेस दिल्ली में इस मुद्दे पर घेराव कर चुकी है, ताकि इसे जल्दी से जल्दी लागू किया जा सकें। महिलाओं को लेकर इनका नजरिया देखें तो एमपी में लाड़ली बहन योजना हो या महाराष्टÑ की योजना हो, लगातार इन्होंने महिलाओं को वोट लेने के लिए इनकी घोषणा की। सरकार बनते ही योजनाओं में महिलाओं को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर योजनाओं से वंचित कर दिया। ये कहते कुछ हैं और करते कुछ और हैं। 

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सवाल : राजस्थान में महिलाओं के सुरक्षित नहीं होने के मुद्दे पर विपक्ष की आवाज कैसे मजबूत करेंगे।
जवाब : राजस्थान में बच्चियों से लेकर वृद्ध महिला कोई भी सुरक्षित नहीं है। आए दिनों अखबारों की सुर्खिया इस पर टिकी होती हैं कि बच्ची के साथ दुर्व्यवहार हुआ, बलात्कार हुआ। कहीं कोई महिला को जिंदा जलाया गया। किसी को निर्वस्त्र किया गया। राजस्थान जैसे अच्छे शांत प्रदेश में इस तरह की घटनाएं लगातार हो रही है। सरकार इन पर रोक लगाने की बजाय दिखाई नहीं दे तो हम चुप नहीं बैठेंगे। आगामी दिनों में हमारा विरोध और बढ़ेगा।

सवाल: भजनलाल सरकार के कार्यकाल को किस नजरिए से देखते हैं। सरकार के वादों को लेकर आपका क्या कहना है।
जवाब: राजस्थान में भाजपा की पर्ची सरकार का सिर्फ यही उद्देश्य रहता है कि झूठे जुमले दें। केन्द्र की मोदी सरकार हो चाहे राजस्थान की भजनलाल सरकार हो। इन्होंने चुनावों में जनता से किए वादे पूरे नहीं किए। इन्होंने 450 रुपए सिलेण्डर की बात की, फ्री बिजली की बात की, लेकिन ये योजनाएं धरातल पर नजर नहीं आ रही। कांग्रेस सरकार में महिला विकास के लिए शुरू की गई योजनाओं को ये समीक्षा के नाम पर बंद करने में लगे हुए हैं। राजस्थान की जनता इनकी कथनी और करनी में अंतर को देख रही है। डबल इंजन की सरकार का दावा पूरी तरह फेल हो गया हैं।

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