सीएआर टी-सेल थेरेपी बनी कैंसर मरीजों के लिए वरदान

कैंसर एक गंभीर बीमारी है

सीएआर टी-सेल थेरेपी बनी कैंसर मरीजों के लिए वरदान
भारत में हर साल ब्लड, लंग, प्रोस्टेट, ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।

जयपुर। कैंसर एक गंभीर बीमारी है। भारत में हर साल ब्लड, लंग, प्रोस्टेट, ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। कैंसर उपचार में कई नई तकनीकों का विकास हुआ है। भारत की पहली जीन आधारित सीएआर टी-सेल थेरेपी ब्लड, लिंफोमा कैंसर मरीजों में उम्मीद की एक नई किरण बनकर उभरी है। यह तकनीक न केवल प्रभावी है बल्कि इसे किफायती और सुलभ भी बनाया गया है। 

मानसरोवर स्थित एचसीजी कैंसर सेंटर जयपुर में डायरेक्टर ऑन्कोलॉजी डॉ. नरेश सोमानी और डॉ. अभिषेक चारण मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट ने बताया कि सीएआर टी-सेल थेरेपी से अस्पताल में एक मरीज को जीवन दान मिला है। उन्होंने बताया कि मरीज की आयु 63 साल है। बीते सालों से बी सेल लिंफोमा से ग्रसित था। उसने अपना इलाज बाहर से लिया लेकिन छह माह के पश्चात ही उसे फिर से बीमारी ने घेर लिया। उसके बाद वह यहां आया और यहां सीएआर टी-सेल थेरेपी से मरीज का इलाज किया गया। पूर्ण इलाज के बाद जब मरीज की एक बार फिर पेट सिटी की जांच की गई तो पेट सिटी के मुताबिक पेशेंट पूरी तरह से स्वस्थ है और अपनी सामान्य जीवन जी रहा है।

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