सीएस ने दिए हाईकोर्ट भवन के पुनर्वास कार्य समयबद्ध पूरे करने के निर्देश, 27.41 करोड़ के प्रथम चरण के कार्य जारी
17 कोर्ट रूम का काम पूरा
जयपुर। राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर भवन के संरचनात्मक पुनर्वास और सुरक्षा कार्यों को लेकर राज्य सरकार ने सख्ती दिखाई है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने शासन सचिवालय में समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों को सभी कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ समयबद्ध पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भवन की संरचनात्मक सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाए।
हाईकोर्ट के निर्देशों की बिंदुवार पालना : मुख्य सचिव ने आगामी सुनवाई को देखते हुए संबंधित विभागों को तथ्यात्मक एवं अद्यतन प्रगति रिपोर्ट तैयार रखने के निर्देश दिए। साथ ही हाईकोर्ट की ओर से दिए गए निर्देशों की बिंदुवार अनुपालना सुनिश्चित करने को कहा। 17 अगस्त को दिए निर्देशों की अनुपालना और एक्शन टेकन रिपोर्ट की भी समीक्षा की गई।
संवेदनशील हिस्सों में भी सुरक्षा और पुनर्वास कार्य : पीडब्ल्यूडी के एसीएस प्रवीण गुप्ता ने बताया कि प्रथम चरण में उच्च एवं मध्यम संवेदनशील क्षेत्रों में 27.41 करोड़ रुपए की लागत से संरचनात्मक पुनर्वास कार्य चल रहे हैं। आईआईटी बॉम्बे की ओर से अनुमोदित तकनीकी पद्धति के अनुसार प्रथम तल के 24 में से 17 कोर्ट रूम का काम पूरा हो चुका है। रूफ वाटर प्रूफिंग, सेंट्रल डोम सहित अन्य संवेदनशील हिस्सों में भी सुरक्षा और पुनर्वास कार्य जारी हैं।
दूसरे चरण के लिए 30.24 करोड़ मंजूर : द्वितीय चरण के लिए 30.24 करोड़ रुपए की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी हो चुकी है। इसका काम 20 सितंबर से शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। सेंट्रल डोम को लेकर अंतरिम नॉन-डिस्ट्रक्टिव टेस्ट में तत्काल ढहने का जोखिम नहीं पाया गया है। आईआईटी बॉम्बे की विस्तृत रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। मुख्य सचिव ने भवन निर्माण में हुए खर्च और निर्माण के दौरान रही कमियों की भी समीक्षा की।

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