पुराने नोटों और सिक्कों का झांसा देकर देशभर में साइबर ठगी, तमिलनाडु-कर्नाटक से 8 गिरफ्तार
बंधक बनाकर परिजनों से भी मांगते थे रकम
जयपुर। जयसिंहपुरा खोर थाना पुलिस ने सोशल मीडिया पर पुराने नोट और सिक्कों की खरीद-बिक्री करने वाली फर्जी कंपनी बनाकर लोगों को ठगने वाले गिरोह के शातिरों को तमिलनाडु और कर्नाटक से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में जफरुद्दीन उर्फ जफरू (30) निवासी जेरौली खैरथल, शिवारमनजी (48) निवासी तालुका तंजाउर तमिलननाडू, श्रीनाथ (49) निवासी कन्नूर, मुबारिक (38) निवासी जेरौली खैरथल, साजिदा खान (30) निवासी तिजारा खैरथल, मोहम्मद मिशाल (21) निवासी मावट्टम तमिलनाडू जयलक्ष्मी (45) निवासी तमिलनाडू और फहिमदा बेगम (30) निवासी रानीपेट तमिलनाडू को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से 14 एंड्रॉयड मोबाइल, एक स्कॉर्पियो कार, एक एयरटेल डोंगल और फर्जी सिम कार्ड बरामद किए हैं। साथ इनके चंगुल से दो बंधकों को भी मुक्तकराया है।
गुप्त सूचना पर खुला बंधक बनाने का राज : डीसीपी उत्तर करण शर्मा ने बताया कि जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि नेवटा-नाई की थड़ी क्षेत्र में एक मकान में संदिग्ध लोग रह रहे हैं। पुलिस की निगरानी में खुलासा हुआ कि गिरोह के सदस्य दो लोगों को स्कॉर्पियो में बंधक बनाकर उनके परिजनों से रकम मांग रहे हैं। तब पुलिस ने कार्रवाई कर बदमाशों को पकड़ा और बंधकों को मुक्त कराया।
पुराने नोट-सिक्कों की बताते लाखों रुपए कीमत :
गिरोह के सदस्य फेसबुक पर ओल्ड इंडियन करंसी के नाम से पुराने नोट और सिक्कों की तस्वीरें डालते थे। पोस्ट देखकर ग्राहक दिए गए वाट्सऐप नंबर पर संपर्क करता था। ठग पुराने नोट-सिक्कों की तस्वीरें मंगवाकर उनकी कीमत लाखों रुपए बताते और ग्राहक को कम्पनी में रजिस्ट्रेशन के नाम पर पहले 1500 रुपए जमा कराते थे। इसके बाद पुराने नोट की कीमत के आधार पर फर्जी बिल और दस्तावेज तैयार कर ग्राहक को भेजे जाते। ठग बताते कि नोट भेजने के लिए 18 प्रतिशत जीएसटी जमा करना होगा। ग्राहक के पैसे देने के बाद भी अलग-अलग बहाने बनाकर लगातार रकम मांगी जाती। ग्राहक के भुगतान से इनकार करने पर उसके साथ दुर्व्यवहार किया जाता और कई बार उसे धमकाकर ब्लॉक कर दिया जाता था।
कई राज्यों में फैला नेटवर्क :
गिरोह के सदस्य राजस्थान, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक सहित अन्य राज्यों में अलग-अलग जगहों पर ठगी करते थे।

Comment List