राजस्थान में नई टीडीआर पॉलिसी-2026 का प्रारूप जारी, 20 नवंबर तक आमजन दे सकेंगे सुझाव और आपत्तियां
वर्तमान में प्रदेश में टीडीआर पॉलिसी-2012 लागू
जयपुर। राजस्थान में शहरी विकास की जरूरतों को पूरा करने और भूमि मालिकों को उचित मुआवजा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नगरीय विकास एवं आवासन विभाग ने राजस्थान ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स (टीडीआर) पॉलिसी-2026 का प्रारूप तैयार किया है। विभाग ने इस पर आमजन और हितधारकों से 20 नवंबर तक आपत्तियां एवं सुझाव आमंत्रित किए हैं। वर्तमान में प्रदेश में टीडीआर पॉलिसी-2012 लागू है। विभाग के अनुसार, इस नीति में भूमि मूल्यों का सटीक आकलन करने की सीमाएं, भू-स्वामियों के लिए पर्याप्त प्रोत्साहन का अभाव और अलग-अलग क्षेत्रों में टीडीआर प्रमाणपत्रों के सीमित उपयोग जैसी कमियों के कारण अपेक्षित परिणाम नहीं मिल सके।
नई नीति का उद्देश्य स्थानीय निकायों पर बिना वित्तीय बोझ डाले सार्वजनिक सड़कों, पार्कों, खुले स्थानों और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही भू-स्वामियों को उचित मुआवजा देने की व्यवस्था विकसित करना प्रस्तावित है। विभाग ने प्रक्रिया को पारदर्शी, वित्तीय रूप से टिकाऊ और डिजिटल बनाने पर भी जोर दिया है, ताकि कम से कम कागजी कार्रवाई में काम हो सके। नीति का प्रारूप 2 नवंबर से विभाग की वेबसाइट [https://urban.rajasthan.gov.in](https://urban.rajasthan.gov.in?utm_source=chatgpt.com) पर उपलब्ध रहेगा। आमजन अपने सुझाव और आपत्तियां 20 नवंबर तक मुख्य नगर नियोजक, राजस्थान को ई-मेल [email protected] पर भेज सकते हैं।

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