हस्तशिल्प निर्यात को रफ्तार देने के लिए ईपीसीएच का ‘एग्रेसिव एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन’
EPCH का बड़ा कदम
जयपुर। हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) की प्रशासन समिति की बैठक गुरुवार को अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना की अध्यक्षता में हुई। बैठक में हस्तशिल्प निर्यात को गति देने और वैश्विक बाजार में भारतीय उत्पादों की पहुंच बढ़ाने के लिए ‘एग्रेसिव एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन 2026-27’ पर विस्तार से चर्चा हुई। वर्ष 2025-26 में हस्तशिल्प निर्यात 33,425.26 करोड़ रुपये रहा, जबकि अप्रैल-जुलाई 2026-27 में यह 12,307.97 करोड़ रुपये रहा। समिति ने मौजूदा वृद्धि दर को सरकार के महत्वाकांक्षी निर्यात लक्ष्यों के अनुरूप नहीं मानते हुए विशेष उपायों पर जोर दिया।
मिशन के तहत जोधपुर, सहारनपुर, आगरा, मुरादाबाद, फिरोजाबाद और दिल्ली-एनसीआर में कौशल विकास, डिजाइन, परीक्षण और कॉमन फैसिलिटी सेंटर विकसित किए जाएंगे। यूरोपीय संघ और अमेरिका में ओवरसीज वेयरहाउस एवं सप्लाई चेन सुविधा विकसित करने का भी प्रयास होगा। भारतीय मेलों में भाग लेने वाले सदस्यों को विपणन सहायता, आईएचजीएफ दिल्ली फेयर की भागीदारी दर में कमी तथा प्रदर्शकों को अतिरिक्त सुविधाएं देने का प्रस्ताव है। समिति ने आईएचजीएफ दिल्ली फेयर के कार्यों में तेजी के लिए सात सदस्यीय स्टीयरिंग कमेटी गठित करने का निर्णय भी लिया।

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