निगम चुनाव में पूर्व पार्षद आजमाएंगे भाग्य : तैयारियों में जुटे, निगम में एनओसी के लिए लगाने लगे चक्कर
आरक्षण लॉटरी के बाद बदले समीकरण
जयपुर। प्रदेश में निकाय चुनाव की औपचारिक घोषणा से पहले ही जयपुर नगर निगम में चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं। 150 वार्डों की आरक्षण लॉटरी सामने आने के बाद पूर्व पार्षदों और नए दावेदारों ने टिकट की दौड़ में सक्रियता बढ़ा दी है। पिछले कार्यकाल के 250 पार्षदों में से करीब 200 के दोबारा चुनाव लड़ने की तैयारी की चर्चा है। हालांकि अंतिम रूप से कितनों को पार्टी टिकट मिलेगा, यह भाजपा और कांग्रेस की ओर से प्रत्याशी घोषित होने के बाद ही स्पष्ट होगा। चुनावी तैयारियों के बीच नगर निगम में पूर्व पार्षदों की आवाजाही बढ़ गई है। वार्ड आरक्षण लॉटरी के बाद पिछले 24 घंटे में दो दर्जन से अधिक पूर्व पार्षदों ने नोड्यूज और एनओसी के लिए आवेदन किया है। इनमें पूर्व महापौर कुसुम यादव सहित कई पूर्व और वरिष्ठ पार्षद शामिल हैं। दावेदार नामांकन से पहले जरूरी दस्तावेज पूरे करने में जुटे हैं, ताकि अंतिम समय में किसी तरह की तकनीकी परेशानी सामने न आए।
आरक्षण लॉटरी के बाद बदले समीकरण
वार्डों की आरक्षण लॉटरी के बाद पूर्व पार्षद अपने-अपने राजनीतिक और सामाजिक समीकरणों का आकलन कर रहे हैं। जिन वार्डों में आरक्षण उनके अनुकूल है। कई पूर्व पार्षद अपने पिछले कार्यकाल के काम और स्थानीय पकड़ के आधार पर पार्टी नेतृत्व के सामने दावेदारी मजबूत करने में जुटे हैं।
टिकट के लिए पुराने चेहरों की दावेदारी
भाजपा और कांग्रेस ने अभी प्रत्याशियों की आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन दोनों दलों में संभावित उम्मीदवारों को लेकर मंथन तेज है। पूर्व पार्षद अनुभव और पिछले कार्यकाल के काम को आधार बनाकर टिकट मांग रहे हैं, जबकि पार्टी संगठन से जुड़े नए दावेदार भी अपनी जमीन तैयार कर रहे हैं।

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