गरबा में रहेगा सुरक्षा का कालिका कवच : सादे कपड़ों में महिला पुलिस, डार्क स्पॉट पर सीसीटीवी रखेंगे निगरानी
देर रात घर लौटने तक सुरक्षा पर रहेगा जोर
जयपुर। नवरात्र और गरबा महोत्सव के दौरान महिलाओं, युवतियों की सुरक्षा को लेकर पुलिस ने प्रदेशभर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया है। गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में गरबा आयोजनों के दौरान अपनाए गए सुरक्षा प्रयोगों और जयपुर के आयोजकों से मिले जमीनी फीडबैक के आधार पर राजस्थान में भी महिला पुलिस की विशेष तैनाती, सादी वेशभूषा में निगरानी, डार्क, स्पॉट पर रोशनी व सीसीटीवी, पार्किंग और कार्यक्रम समाप्त होने के बाद सुरक्षित घर वापसी पर विशेष फोकस किया जा रहा है। डीआईजी एवं कम्युनिटी पुलिसिंग के नोडल अधिकारी पंकज चौधरी ने सभी जिलों के एसपी को गरबा व नवरात्र आयोजनों में कालिका यूनिट तथा कम्युनिटी पुलिसिंग का उपयोग करने के निर्देश दिए हैं।
जयपुर के आयोजकों ने बताई पांच प्रमुख चिंताएं: जयपुर में प्रतिवर्ष गरबा आयोजित करने वाले आयोजकों से मिले फीडबैक में देर रात घर वापसी, भीड़ में धक्का-मुक्की व छेड़छाड़, बिना अनुमति फोटो-वीडियो, आपात सहायता और नाबालिग प्रतिभागियों की सुरक्षा को प्रमुख मुद्दे बताया गया।
चार राज्यों में ऐसे होती है सुरक्षा
गुजरात: चनिया-चोली में महिला पुलिस की तैनाती- गुजरात के अहमदाबाद और सूरत में महिला पुलिसकर्मियों की सादी वेशभूषा में तैनाती को प्रभावी प्रयोग माना गया है। महिला पुलिसकर्मी पारंपरिक चनिया-चोली या लहंगे में आम प्रतिभागियों के बीच मौजूद रहकर छेड़छाड़ और महिलाओं से अभद्रता करने वालों पर नजर रखती हैं। गुजरात पुलिस की शी टीम गरबा मैदानों में महिला सुरक्षा पर विशेष निगरानी रखती है।
एमपी: विशेष दस्ते, डार्क स्पॉट पर नजर- मध्य प्रदेश के इंदौर में बड़े गरबा आयोजनों में हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी और संदिग्ध स्थानों पर अतिरिक्त रोशनी पर जोर दिया जाता है। वी केयर फॉर यू टीम और महिला पुलिस की विशेष तैनाती देर रात तक रहती है। वहीं भोपाल समेत कई शहरों में आयोजकों ने प्रवेश व्यवस्था को कड़ा किया है।
महाराष्ट्र: दामिनी स्क्वाड- महाराष्ट्र में दामिनी स्क्वाड और नागपुर में दुर्गा मार्शल जैसे महिला दस्ते गरबा स्थलों के बाहर और सुनसान रास्तों पर देर रात तक गश्त करते हैं।
राजस्थान: कालिका यूनिट की रहेगी सक्रिय भागीदारी- राजस्थान में गरबा आयोजनों के दौरान कालिका यूनिट और कम्युनिटी पुलिसिंग टीमों को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रवेश द्वार, पार्किंग, पंडाल के पीछे के रास्तों और अंधेरे स्थानों पर निगरानी बढ़ाने के साथ पर्याप्त रोशनी और सीसीटीवी की व्यवस्था पर जोर है। बड़े आयोजनों में महिला सुरक्षा गार्ड, बाउंसर और वालंटियर्स की तैनाती भी उपयोगी मानी गई है। पहले चरण में राज्य के विभिन्न जिलों और कमिश्नरेट में 200 से अधिक टीमें उतारी गईं, जिसमें अकेले जयपुर में दर्जनों टीमें तैनात की गईं। ये टीमें गरबा के दौरान निगरानी रखेंगीं।

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