नाबार्ड से वित्तपोषित परियोजनाओं की नियमित समीक्षा के निर्देश, देरी पर विशेष समीक्षा और होगा फील्ड निरीक्षण
सूचना सात दिन में वित्त विभाग को देनी होगी
जयपुर। वित्त (मार्गोपाय) विभाग ने राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) से वित्तपोषित परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, नियमित समीक्षा और समयबद्ध पूर्णता के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने कहा कि आवश्यक सूचनाएं समय पर उपलब्ध नहीं होने और विभागों के बीच समन्वय की कमी से परियोजनाओं की प्रगति प्रभावित होती है। निर्देशों के अनुसार नाबार्ड से स्वीकृत परियोजनाएं निर्धारित समय-सीमा में पूरी करनी होंगी। प्रत्येक कार्यान्वयन विभाग में वरिष्ठ अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया जाएगा, जो नाबार्ड से प्राप्त पत्रों, सूचनाओं और अनुपालना का समन्वय करेगा।
नोडल अधिकारी की सूचना सात दिन में वित्त विभाग को देनी होगी। परियोजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की त्रैमासिक समीक्षा जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ होगी। नॉन-स्टार्टर और धीमी गति वाली परियोजनाओं की विशेष समीक्षा कर भूमि आवंटन, विवाद और अंतर-विभागीय समन्वय जैसी बाधाओं का समाधान किया जाएगा। परियोजनाओं का नियमित फील्ड निरीक्षण भी होगा। विभाग ने खर्च के दावे समय पर नाबार्ड को प्रस्तुत करने तथा अंतिम दावे के साथ उपयोगिता-सह-परियोजना पूर्णता प्रमाण-पत्र देने के निर्देश दिए हैं। अंतिम दावे की तारीख से तीन माह में परियोजना पूर्णता रिपोर्ट नाबार्ड को देना अनिवार्य होगा।

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