प्रदेश के 1062 गांव में अपराध ‘जीरो’
समाज के लिए मिसाल बने गांव : जनवरी 2015 से जनवरी 2022 तक एक भी अपराध नहीं
जयपुर। प्रदेश में हर रोज कहीं न कहीं जघन्य या सामान्य अपराध होते रहते हैं, लेकिन इन सबके बीच राजस्थान के 1062 गांव ऐसे हैं, जहां सात वर्षों में एक भी अपराध नहीं हुआ है। यह सुनने में आपको अच्छा लगेगा, क्योंकि इसकी वजह यह रह रहे लोग हैं, जो इतने प्रेमभाव से रहते हैं कि हर बात को अपने ही स्तर पर पंच पटेलों की मौजदूगी में निपटा लेते हैं। इन्हीं कारणों से ये गांव आज प्रदेश के लिए नजीर बने हुए हैं।
ये हैं अपराध मुक्त गांव
जिला अजमेर में पांच, भीलवाड़ा में 45, नागौर में 36, टोंक में 37, जयपुर दक्षिण में पांच, जयपुर पश्चिम में 17, जयपुर ग्रामीण में 25, झुंझुनूं में 11, सीकर में 16, दौसा में 17, अलवर में 10, भिवाड़ी में 16, बीकानेर में 12, चूरू में 16, गंगानगर में 56, हनुमानगढ़ में पांच, भरतपुर में आठ, सवाई माधोपुर में 11, धौलपुर में 16, करौली में 25, जोधपुर पश्चिम में दो, जोधपुर ग्रामीण में 13, जालौर में 12, जैसलमेर में 209, बाड़मेर में 59, सिरोही में 11, पाली में 33, कोटा ग्रामीण में चार, बूंदी में आठ, झालावाड़ में 17, बारां में 17, उदयपुर में 77, बांसवाड़ा में 45, चित्तौड़गढ़ में 62, डूंगरपुर में 26, राजसमंद में 27 और प्रतापगढ़ में 51 गांव अपराध मुक्त हैं।
यहां हर जगह हुए अपराध
प्रदेश के जयपुर उत्तर, जयपुर पूर्व, जोधपुर पूर्व और कोटा शहर में एक भी गांव ऐसा नहीं है, जहां अपराध नहीं हुआ हो। यहां हर जगह अपराध हुए हैं।
प्रदेश के हर व्यक्ति को अपने छोटे-मोटे झगड़ों को बैठकर सुलझा लेना चाहिए। आपसी सद्भाव की भावना बढ़ानी चाहिए। प्रदेश के 1062 गांव में अपराध जीरो है। इन गांवों से हमें सीख लेकर एक अपराध मुक्त समाज की स्थापना करनी चाहिए।
-मोहन लाल लाठर, पुलिस महानिदेशक, राजस्थान

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