राजस्थान में मानसून की एंट्री : प्रदेश में 7 दिन देरी से प्रवेश, जयपुर में देर रात तेज बारिश से बदला मौसम
औसत से कम बारिश का पूर्वानुमान
जयपुर। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार राजस्थान में गुरुवार को मानसून की एंट्री हो गई। इस बार मानसून तय समय 25 जून के बाद सात दिन की देरी से प्रदेश में पहुंचा है। मानसून ने पहले दिन 12 जिलों झालावाड़, कोटा, बूंदी, भरतपुर, बारां, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, दौसा, जयपुर, टोंक और अलवर में प्रवेश कर लिया है। इसके साथ ही इन इलाकों में बारिश भी हुई। इसके असर से मौसम विभाग ने राज्य में अगले तीन दिन बारिश होने की संभावना जताई है। वहीं राज्य के दूसरे हिस्सों में भी मानसून के जल्द ही पहुंचने की उम्मीद है। इस सीजन मानसून औसत से कम बरसने का पूर्वानुमान है।
औसत से कम बारिश का पूर्वानुमान
मौसम विभाग केन्द्र से मिली जानकारी के अनुसार राजस्थान में इस बार मानसून सीजन कमजोर रह सकता है। मौसम विभाग ने राज्य में इस बार औसत से 10 फीसदी या उससे भी कम बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया है। राज्य में एक मानसून सीजन यानी 1 जून से 30 सितंबर तक में औसत 435.6 एमएम बरसात होती है।
17 साल में 11 बार देरी से आया मानसून
राजस्थान में साल 2019 तक मानसून के प्रवेश का सामान्य समय 15 जून निर्धारित था। साल 2010 से 2019 तक केवल एक बार यानी साल 2013 में ही निर्धारित समय पर मानसून राजस्थान में आया। जबकि 9 बार देरी से प्रवेश किया। इसके बाद केंद्रीय मौसम विज्ञान ने डेटा का रिव्यू किया और उसके आधार पर साल 2020 से मानसून के प्रवेश की सामान्य तारीख को 25 जून घोषित किया। साल 2020 से 2026 तक केवल दो बार यानी साल 2022 और 2026 मानसून देरी से राजस्थान में आया जबकि 5 बार समय पर या उससे पहले मानसून की एंट्री हुई।
टोंक में चार इंच से ज्यादा बरसात
प्रदेश में गुरुवार को मानसून की एंट्री के साथ ही राजधानी जयपुर सहित कई जिलों में बारिश हुई। मानसून आने के पहले दिन जयपुर, दौसा, चित्तौड़, भरतपुर, कोपटपूतली-बहरोड़, प्रतापगढ़, सीकर, अजमेर सहित 10 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। टोंक जिले के मालपुरा में क्षेत्र में चार इंच तक पानी बरसा। इससे यहां जलभराव की स्थिति हो गई। चित्तौड़गढ़ में डेढ़ इंच तक बारिश हुई। अलवर में तेज बारिश के कारण रूपारेल नदी बहने लगी। सीकर में भी तेज बारिश से जगह जगह पानी भर गया। इन जिलों में बारिश के कारण गर्मी और उमस से राहत मिली है। हालांकि राजधानी जयपुर में बारिश का दौर ज्यादा अच्छा नहीं रहा। राजधानी जयपुर में यहां सुबह से ही बादल छाए हुए थे और शहर के मालवीय नगर, जगतपुरा सहित कुछ इलाकों में अल सुबह से नौ बजे तक रुक रुक कर रिमझिम बारिश होती रही लेकिन तेज और अच्छी बारिश का दिनभर इंतजार रहा। इसके बाद देर रात मौसम बदला और शहर के कई इलाकों में तेज बारिश का दौर शुरू हो गया, जो कि रूक-रूक कर देर रात तक जारी रहा। प्रदेश के सीमावर्ती जिलों मंे तेज गर्मी का असर बना हुआ है। इन जिलों मेें तापमान भी 40 डिग्री या उससे ज्यादा दर्ज किया है। प्रदेश में गुरुवार को सबसे अधिक तापमान श्रीगंगानगर में 43 डिग्री दर्ज किया। जयपुर में अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26.6 डिग्री रिकॉर्ड किया।
अब आगे क्या : मौसम विभाग केन्द्र जयपुर से मिली जानकारी के अनुसार राज्य के जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर, अजमेर संभाग के कुछ भागों में आगामी पांच से सात दिन मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। वहीं इस दौरान कहीं कहीं तेज या भारी बारिश हो सकती है।

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