जहर बेचने का शौकीन : राजस्थान का टॉप 10 फरार अपराधी कोलकाता से गिरफ्तार, महाराष्ट्र की जेल से सीखा ड्रग्स बनाना
फुटकर में मिले मुनाफे से फैक्ट्री लगाई
राजस्थान के टॉप 10 फरार अपराधियों में से एक एमडी जहर का काला कारोबार फैलाने वाला एक लाख का इनामी बदमाश, जहर के सौदागर को एटीएस और एएनटीएफ टीम ने ऑपरेशन विषाणुबाहु चलाकर कोलकाता से गिरफ्तार किया है। वह करीब आठ सााल से फरार रहकर नशे का कारोबार चला रहा था।
जयपुर। राजस्थान के टॉप 10 फरार अपराधियों में से एक एमडी जहर का काला कारोबार फैलाने वाला एक लाख का इनामी बदमाश, जहर के सौदागर को एटीएस और एएनटीएफ टीम ने ऑपरेशन विषाणुबाहु चलाकर कोलकाता से गिरफ्तार किया है। वह करीब आठ सााल से फरार रहकर नशे का कारोबार चला रहा था। गिरफ्तारशुदा आरोपी पर उसकी उम्र से भी ज्यादा मुकदमें दर्ज हैं। उसके खिलाफ राजस्थान के अलावा गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगना और कर्नाटक में मुकदमें दर्ज हैं। आरोपी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि सबसे ज्यादा मुकदमे राजस्थान में करीब 15-17, गुजरात में 8, तेलंगाना में 3, महाराष्ट्र में 2 और कर्नाटक में एक दर्ज है। पुलिस महानिरीक्षक एटीएस विकास कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी रमेश कुमार उर्फ अनिल उर्फ रामलाल (31) नेडी नाड़ी धोरीमन्ना बाड़मेर को कोलकाता के न्यू टाउन इलाके से गिरफ्तार किया गया है। जो अवैध मादक पदार्थ, चोरी, मारपीट , फिरौती के लिए अपहरण जैसे गम्भीर अपराधों में लिप्त था। आरोपी के खिलाफ आसाम और मणिपुर में भी फर्जी नाम से क्राइम करने और मुकदमा दर्ज होने के बारे में पड़ताल जारी है। लागत एक लाख, आमदनी 30 लाख पश्चिमी राजस्थान में एमडी की फै्ट्रिरयों में अचानक वृद्धि हुई।
जिनका जिम्मेदार आरोपी रमेश और उसकी गैंग निकली। चाहे बात जोधपुर के कुडी भमतासनी, बाडमेर के सेड़वा , सिरोही समेत कई अन्य इलाकों में भी रमेश की एमडी की फै्ट्रिरयां मिलीं, जिनके बारे में अनुसंधान जारी है। वह महाराष्ट्र जेल में मिले डॉ. बिरजू नाम के आदमी से मिला और उससे एमडी बनाने का फार्मूला सीखकर ब्रोमो, कास्टिक सोडा, हाइड्रोक्लोरिक एसिड, टार्लबन और एथिल अल्कोहल को मिला कर केमिकल रिएक्शन करवा कर पांच से सात दिन में एमडी बनाने की प्रक्रिया पूरी करता था। इसके लिए 2-3 सहयोगी पार्टनरों के मकान-जमीन पर फै्ट्रिरयां लगा कर जहर बेचने का कारोबार चला रहा था। जाने विषाणुबाहु का मतलब आई जी विकास कुमार ने कहा कि ऑपरेशन विषाणुबाहु कूट नाम इस लिए रखा कि आरोपी के अनेक विषैले कारोबार थे। अत: मुख्य काम उसके जहर के कारोबार को बंद कराना था। अनेक राज्यों में अलग-अलग पार्टनरों के साथ काम करने के कारण रमेश को पकड़ने के लिए चलाए अभियान का नाम विषाणुबाहु रखा गया।

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