राजस्थान को रिफाइनरी-मेट्रो का बड़ा तोहफा : 13 हजार करोड़ के जयपुर मेट्रो फेज-2 का वर्चुअल लोकार्पण, मोदी ने बांटे 54 हजार नियुक्ति पत्र

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी पचपदरा में मौजूद

राजस्थान को रिफाइनरी-मेट्रो का बड़ा तोहफा : 13 हजार करोड़ के जयपुर मेट्रो फेज-2 का वर्चुअल लोकार्पण, मोदी ने बांटे 54 हजार नियुक्ति पत्र
पीएम नरेंद्र मोदी ने पचपदरा में 79,450 करोड़ की भारत की पहली ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल राजस्थान पेट्रोकेमिकल रिफाइनरी का उद्घाटन। इसके साथ ही राजस्थान का बीते 13 साल का क्रूड ऑयल से पेट्रोल-डीजल बनाने की देश की सबसे बड़ी रिफाइनरी का सपना अब हकीकत में बदल गया।

जयपुर। पीएम नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पचपदरा में 79,450 करोड़ की भारत की पहली ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल राजस्थान पेट्रोकेमिकल रिफाइनरी का उद्घाटन किया। इसके साथ ही राजस्थान का बीते 13 साल का क्रूड ऑयल से पेट्रोल-डीजल बनाने की देश की सबसे बड़ी रिफाइनरी का सपना अब हकीकत में बदल गया है। हर साल 9 एमएमटीपीए उत्पादन होगा। इसके साथ ही 1.6 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट का लोकार्पण, शिलान्यास और उद्घाटन वर्चुअल किया। जिसमें जयपुर में 13 हजार करोड़ की लागत से मेट्रो फेज-2 का शिलान्यास प्रमुख है। जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में जयपुर मेट्रो फेज-2 के शिलान्यास कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा गया। उन्होंने बीते दिनों विभिन्न विभागों में हुई 54 हजार भर्तियों के चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र भी बांटे। कार्यक्रम का जिला मुख्यालय से लेकर पंचायत समिति स्तर पर सीधा प्रसारण दिखाया गया। राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य जिलों में इन कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इस मौके पर सीएम भजनलाल शर्मा, राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी पचपदरा में मौजूद रहे।

इस मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि मुझे बताया गया कि आज राजस्थान भर में वर्चुअल लाखों लोग जुटे हैं। यह दिखाता है कि भाजपा सरकार के प्रयासों पर आपका विश्वास कितना बुलंद है। विश्वास और समर्थन के लिए मैं राजस्थान का ऋणी हूं। स्वाभिमान की सीख दी, यह तभी संभव है जब हम आत्मनिर्भर हों। रिफाइनरी को देश को समर्पित किया है। यह हजारों लोगों को रोजगार देगी। युवाओं को विशेष रूप से बधाई देता हूं। आज का दिन इस बात का साक्षी है कि भाजपा सरकार परियोजनाओं का शिलान्यास कर उन्हें नहीं छोड़ती, बल्कि उन्हें पूरा करने के लिए दिन-रात एक कर देती है। दो माह पहले यहां हादसा हुआ। इतनी जल्दी काम पूरा करना परिश्रम की पराकाष्ठा है। दिखा दिया कि नया भारत न पीछे हटता है और न ही रुकता है। जोधपुर में नए टर्मिनल का उद्घाटन हुआ है।

आज सोशल मीडिया पर हर जगह राजस्थान दिख रहा है। रोजगार, पर्यटन और उद्योग को नई गति मिलेगी। उड़ान योजना की जोधपुर से शुरुआत हुई है। छोटे शहरों को और बेहतर कनेक्टिविटी से जोड़ा जाएगा। जयपुर में मेट्रो का विस्तार हो रहा है। शेखावाटी में भी पानी का इंतजार खत्म होने जा रहा है। पश्चिमी एशिया में युद्ध से दुनिया में हाहाकार मचा है। हर देश त्रस्त है। 21वीं सदी का सबसे बड़ा ऊर्जा संकट है। बड़े-बड़े देश झुक रहे हैं, लेकिन भारत के प्रयास यहां इस पर भारी पड़े हैं। हमने हर स्तर पर सही फैसले लिए, प्रभावी रणनीति बनाई। संसाधनों का सही उपयोग और डिप्लोमैटिक ताकत का सही इस्तेमाल किया। तब हम संकट से उभरे। कुछ ताकतें अफवाह फैलाने में व्यस्त थीं। तब किस तरह काम हुआ, वह मेहनत, प्रयास और धैर्य से उठाए गए कदमों का परिणाम था। इतिहास लिखेगा कि यह अभूतपूर्व है।

रसोई गैस की 60 फीसदी आपूर्ति अन्य देशों से आती है। 90 फीसदी गल्फ देशों से आ रही थी। युद्ध से सप्लाई लगभग बंद हो गई। देश में कितना बड़ा हाहाकार मचने जा रहा था। संकट शुरू होते ही रिफाइनरियों पर फोकस किया। एलपीजी बनाने को कहा। सात दिन में इसका उत्पादन बढ़ा। 35 हजार से 54 हजार मीट्रिक टन उत्पादन बढ़ा। पूरा लोड एलपीजी पर न आए, इसके लिए पीएनजी कनेक्शन का अभियान चलाकर 11 लाख घरों को जोड़ा। घरेलू उपभोक्ताओं पर बोझ नहीं पड़ने दिया। घरेलू सिलेंडर की कीमत 2 हजार रुपये तक जा सकती थी, लेकिन 950 रुपये ही दाम रहे। कमर्शियल में फिर कटौती की। संवेदनशीलता से इस संकट को रोका।

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क्रूड की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल हो गई। 40 से 50 फीसदी तक कई देशों में दाम बढ़े। कई देशों के कोटे से मिला। हमारे यहां हालात ऐसे नहीं हुए। अफवाहें फैलाई गईं। डराया गया, लेकिन मंसूबे पूरे नहीं हुए। कोई चुनौती नहीं आई। 75 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का घाटा कंपनी ने उठाया गया, जिम्मेदारी सरकारी खजाने ने उठाई। 10 रुपये एक्साइज ड्यूटी घटाई। जनता पर बोझ नहीं आने दिया। दूसरे देशों से दोस्ती काम आ गई। पहले 25 देशों से आयात होता था। डिप्लोमेसी का जलवा दिखा। संबंध काम आए। 40 से ज्यादा देशों से ईंधन मंगवाने लगे। दुनिया को कहा कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है। ऐसे ही हम संकट से नहीं उभरे। एक दशक से चल रही नीतियों का यह परिणाम है। 2023 तक कांग्रेस सरकार रही। असहयोग के कारण काम ठप हो गया। डबल इंजन सरकार आते ही काम तेजी से बढ़ा। आप हमारी कार्यशैली जानते हैं। जिसका शिलान्यास हम करते हैं, उसका लोकार्पण भी हम ही करते हैं। अमेरिका में पचास साल में कोई रिफाइनरी नहीं बनी। यूरोप की क्षमता कम हो रही है। भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा उत्पादन वाला देश बन गया है। दुनिया में युद्ध और अशांति से किसानों को भी चुनौती होती है। यूक्रेन युद्ध हुआ। फर्टिलाइजर की समस्या हुई। 3 हजार रुपये से ज्यादा प्रति बोरी कीमत हो गई थी। देश में हमने 300 रुपये में देते रहे। खजाने से लाखों करोड़ रुपये खर्च कर सब्सिडी दी गई। वैकल्पिक रास्ते तलाशे। दूसरे देशों से खरीद की, घरेलू उत्पादन भी बढ़ाया। प्राकृतिक खेती के विकल्प को बढ़ाया। कालाबाजारी को रोका।

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एमएसएमई को भी बढ़ती कीमतों का सामना करना पड़ रहा था। बैंकों ने 20 फीसदी अतिरिक्त लोन दिया। हमने 100 फीसदी गारंटी दी। लाभ सभी को मिला। उद्योग इसलिए खुद को संतुष्ट महसूस कर रहे हैं। हमें अपने सामर्थ्य, क्षमताओं और सशक्त भुजाओं पर भरोसा था।
मुश्किल समय में लोग देश के साथ मजबूती से खड़े रहे। अफवाह और डर फैलाने वालों का सामना किया। जो लोग भारत को असफल होते देखना चाहते थे, वे आज जरूर निराशा के गर्त में पड़े होंगे। खेजड़ी का पौधा भी मैंने आज लगाया है। इसलिए वृक्षारोपण जरूरी है। पर्यावरण का भी संरक्षण करना है। इसलिए दूसरे ऊर्जा स्रोतों को भी बढ़ाना है। राजस्थान में इस पर काम तेजी से हो रहा है। बीजेपी और कांग्रेस में यहां बड़ा अंतर है। नियत अच्छी हो तो बड़े संकट दूर हो जाते हैं। कांग्रेस ने जल संकट को दूर करने का काम किया, लेकिन बीजेपी तुष्टिकरण और बंटवारे की राजनीति नहीं करती। राज्य पानी को लेकर लड़ाई कर रहे थे, लेकिन हमने गुजरात से नर्मदा का पानी दिया। बिना किसी विवाद, आंदोलन और लड़ाई के पानी राजस्थान से साझा किया। भजनलाल भावुक होकर पानी की बात कर रहे थे। अब आपसी सहमति से समाधान किया गया है। शेखावाटी तक पानी आएगा। राजस्थान में बांध बनने से और फायदा होगा। राम जल सेतु भी इसका परिणाम है। मेट्रो और जोधपुर टर्मिनल नई उड़ान देंगे। मेट्रो से नेटवर्क 50 किमी से ज्यादा हो जाएगा । और विकास होगा। उम्मीद है आप सब डबल इंजन सरकार को समर्थन देते रहेंगे।

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राजस्थान में दिख रहा, मोदी जो कहते हैं वो करते हैं

भजनलाल शर्मा सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि राइजिंग राजस्थान में 35 लाख करोड़ के एमओयू हुए, 9 लाख करोड़ का जमीन पर आया। मोदी जो कहते हैं, करके दिखाते हैं। रिफाइनरी का उन्होंने शिलान्यास और उद्घाटन दोनों किया। यह प्रदेश की भाग्य रेखा बनने जा रही है। लाखों युवाओं को रोजगार के मौके इससे मिलेंगे। मेट्रो लाइन से जयपुर को ट्रैफिक समस्या से निजात मिलेगी। मोदी युवाओं के ऊर्जा के स्रोत हैं। हमने 1.78 लाख सरकारी रिकॉर्ड नौकरियां दी हैं। 4 लाख को निजी स्तर पर दी हैं। एक लाख को जल्द और इसी साल नियुक्तियां मिलेंगी। राजस्थान की सबसे पहली जरूरत पानी है। नर्मदा से पानी आया, राम जल सेतु परियोजना, देवास योजना, यमुना योजना प्रोजेक्ट देने के लिए आपको राजस्थान कभी नहीं भूलेगा। न भूतो न भविष्यति जैसा काम हुआ, इससे जाहिर है, मोदी जो कहते हैं, करते हैं। मोदी है तो मुमकिन है। ऊर्जा के लिए राजस्थान को कई सौगातें मिली हैं, अब प्रदेश ऊर्जा उत्पादन में सरप्लस है। अब हम दूसरे राज्यों को बिजली दे रहे हैं। मोदी के नेतृत्व में सभी चुनौतियों को पार कर लेंगे।

कांग्रेस सरकार में काम अटका, भाजपा आई तो काम हुआ : पुरी
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि विश्वभर में दस साल में दो ग्रीनफील्ड रिफाइनरी बनी हैं। दोनों भारत में बनीं, मोदी ने दोनों का उद्घाटन किया। राजस्थान में रिफाइनरी बनाने में कई चुनौतियां आईं। क्रूड ऑयल 490 किमी दूर मुद्रा बंदरगाह और 75 किमी की मंगला टर्मिनल पाइपलाइन से आएगा। नाचना से 200 किमी लंबी पानी की पाइपलाइन लाई गई। सितंबर 2013 में इसे शुरू किया। लेकिन 2018 से 2023 तक कांग्रेस सरकार में काम अटका रहा। इक्विटी नहीं दी, अप्रूवल नहीं मिली। भजनलाल सरकार आने पर काम हुआ। यह परियोजना 80 हजार करोड़ का प्रोजेक्ट है। राजस्थान में रोजगार के अवसर मिलेंगे। कई आर्थिक क्षेत्रों में भारत की आत्मनिर्भरता बढ़ाएगी। यूनाइटेड स्टेट्स में दस साल में कोई ग्रीनफील्ड रिफाइनरी नहीं बनी। 2030 तक रिफाइनरी क्षमता 270 से 310 एमएमटीपीए (MMTPA) पहुंचेगी। हॉर्मुज के बंद होने से सप्लाई बिगड़ी। 1.7 लाख पंप, लेकिन भारत में बंद नहीं हुए। चार साल में दाम कम हुए। केंद्र ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10 रुपये कम की। यह 24वीं हमारी रिफाइनरी है।

जयपुर में प्रहलादपुरा से टोडी मोड़ तक 41 किमी मेट्रो ट्रेन, 36 स्टेशन बनेंगे
प्रधानमंत्री जयपुर मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण की आधारशिला रखी। जिसकी कुल लागत 13,000 करोड़ रुपए से अधिक है। इसमें टोंक रोड के प्रह्लादपुरा से टोडी मोड़ तक 41 किलोमीटर लंबा उत्तर-दक्षिण मेट्रो कॉरिडोर विकसित किया जाएगा, जो सीतापुरा और विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र (वीकेआई) के औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों को 36 स्टेशनों के माध्यम से जोड़ेगा। यह कॉरिडोर सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र, वीकेआई, जयपुर हवाई अड्डा, टोंक रोड, एसएमएस अस्पताल, एसएमएस स्टेडियम, अंबाबारी और विद्याधर नगर सहित प्रमुख स्थानों को जोड़ेगा। इस परियोजना से जयपुर के प्रमुख औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों की कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार होगा, जिससे निवासियों को तेज, सुरक्षित और अधिक सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिलेगी। पहले चरण के तहत, 11 स्टेशनों वाला 11.64 किलोमीटर लंबा मेट्रो कॉरिडोर पहले से ही बड़ी चौपड़ से मानसरोवर तक चल रहा है।

1.6 लाख परियोजनाओं में पचपदरा से राजस्थान को ये खास सौगाते : 

  • विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला और उद्घाटन परियोजनाएं पेट्रोकेमिकल्स, शहरी परिवहन, रेलवे, सड़क, नवीकरणीय ऊर्जा और विद्युत पारेषण सहित कई क्षेत्रों से जुड़ी हुई हैं।
  • 900 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित चूरू-सादुलपुर (58 किमी) और चूरू-रतनगढ़ (46 किमी) रेल दोहरीकरण परियोजनाओं का लोकार्पण।  कुल 104 किमी लंबाई में फैली ये परियोजनाएं उत्तर-पश्चिम राजस्थान में रेल संपर्क को मजबूत करेंगी। इनसे रेल लाइन की क्षमता बढ़ेगी, जिससे यात्री और मालगाड़ियों का संचालन सुगम, सुरक्षित और समयबद्ध हो सकेगा और रेल नेटवर्क पर भीड़भाड़ कम होगी। ये परियोजनाएं क्षेत्र में निवेश, रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा देंगी।
  • जोधपुर रिंग रोड के खंड-2 (कारवार-डांगियावास) पर स्थित एनएच-125ए के चार लेन के निर्माण का उद्घाटन । लगभग 740 करोड़ रुपए की लागत की परियोजना से जोधपुर के आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी में सुधार होगा और यात्रा सुगम एवं सुरक्षित बनेगी।
  • एसजेवीएन लिमिटेड की 1,000 मेगावाट की बीकानेर सौर ऊर्जा परियोजना को राष्ट्र को समर्पित किया। 5,500 करोड़ रुपए की इस परियोजना में स्वदेशी रूप से निर्मित 24.22 लाख सौर मॉड्यूल का उपयोग होगा। 
  • एनएचपीसी के 300 मेगावाट के करणीसर बीकानेर सौर ऊर्जा संयंत्र का उद्घाटन। इसमें स्वदेशी रूप से निर्मित 7.75 लाख सौर पीवी सेल और मॉड्यूल का उपयोग किया गया है।
  •  राजस्थान नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र (आरईजेड) से बिजली निकासी के लिए 1,900 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से निर्मित ट्रांसमिशन लाइन का उद्घाटन और राजस्थान आरईजेड के लिए 530 किलोमीटर लंबी बिजली ट्रांसमिशन प्रणाली की आधारशिला रखी।  ये राजस्थान में उत्पादित नवीकरणीय ऊर्जा की निकासी को सुगम बनाएंगी और राज्य में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद करेंगी।
  • विभिन्न विभागों में भर्ती किए गए लगभग 54,000 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपा। 
     
     

रिफाइनरी से सालाना 21 हजार करोड़ मिलेंगे
9 मिलियन एमएमटीपीए क्षमता की रिफाइनरी में देश को सालाना 21 हजार करोड़ का राजस्व मिलेगा। राजस्थान के हिस्से 4 हजार करोड़ होंगे। 1.35 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।  रिफाइनरी में 1.5 एमएमटीपीए क्रूड ऑयल बाड़मेर के मंगला तेल कुओं और 7.5 एमएमटीपीए अरब, अमेरिका से आयेगा। इसमें शोधन और पेट्रोकेमिकल उत्पादन की सुविधाओं को इंट्रीग्रेट किया है।  पेट्रोकेमिकल क्षमता 2.4 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष है। पेट्रोकेमिकल उत्पादन 26 प्रतिशत से अधिक है।

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