गांव की सरकार का आरक्षण आज तय : 14,403 सरपंच और 1.30 लाख वार्ड पंचों की लॉटरी, उपखंड स्तर पर खुलेगा आरक्षण का पिटारा
हर दो में से एक पद महिलाओं के नाम
जयपुर। राजस्थान में पंचायती राज चुनाव की तैयारियां अब निर्णायक दौर में पहुंच गई हैं। जिला स्तर पर जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति प्रधान और पंचायत समिति सदस्यों के आरक्षण की लॉटरी के बाद गुरुवार, 24 सितंबर को उपखंड स्तर पर सरपंच और वार्ड पंच पदों के आरक्षण की लॉटरी निकाली जा रही है। इस लॉटरी के साथ ही प्रदेश की ग्राम पंचायतों में चुनाव लड़ने के इच्छुक दावेदारों के लिए यह तस्वीर साफ हो जाएगी कि कौन-सी ग्राम पंचायत का सरपंच पद और कौन-सा वार्ड किस वर्ग के लिए आरक्षित रहेगा। राजस्थान में वर्तमान प्रक्रिया के तहत 14,403 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें करीब 1.30 लाख वार्ड पंच पद हैं। उपलब्ध ताजा रिपोर्टों में वार्ड पंच पदों की संख्या 1,30,584 बताई गई है।
आठ श्रेणियों में निकलेगी लॉटरी
- अनारक्षित (ओपन)
- अनारक्षित महिला
- ओबीसी (ओपन)
- ओबीसी महिला
- एससी (ओपन)
- एससी महिला
- एसटी (ओपन)
- एसटी महिला
इस प्रक्रिया में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित पदों के साथ प्रत्येक श्रेणी में महिला आरक्षण का भी निर्धारण होगा। यानी आरक्षण की लॉटरी के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि किस ग्राम पंचायत में किस वर्ग का व्यक्ति सरपंच पद के लिए चुनाव लड़ सकेगा और किस वार्ड से किस वर्ग की महिला या पुरुष उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतर सकेगा।
हर दो में से एक पद महिलाओं के नाम
पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण लागू है। इसका मतलब है कि सरपंच और वार्ड पंच के कुल आरक्षित पदों में आधे पद महिलाओं के लिए निर्धारित किए जाएंगे। यह आरक्षण केवल सामान्य श्रेणी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि एससी, एसटी और ओबीसी श्रेणियों में भी महिला आरक्षण लागू होगा।
राज्य स्तर पर सरपंच पदों के आरक्षण के लिए उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 3,058 सरपंच पद एसटी, 2,493 एससी और 1,961 ओबीसी के लिए आरक्षित किए जाने हैं। लॉटरी में इन श्रेणियों के पदों का संबंधित ग्राम पंचायतों में आवंटन किया जाएगा। वार्ड पंच पदों में भी इसी आधार पर आरक्षण तय होगा। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 21,962 वार्ड एससी, 19,117 एसटी और करीब 15 हजार वार्ड ओबीसी के लिए आरक्षित किए जाने हैं। शेष वार्ड अनारक्षित श्रेणी में रहेंगे।
कल जिला स्तर पर खुला था आरक्षण का पिटारा
सरपंच-वार्ड पंच से एक दिन पहले यानी 23 सितंबर को जिला स्तर पर जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति प्रधान और पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए आरक्षण की लॉटरी निकाली गई। प्रदेश में 41 जिला परिषदों के 1,403 सदस्य, 457 पंचायत समितियों के 457 प्रधान और 8,245 पंचायत समिति सदस्य पदों की आरक्षण प्रक्रिया इससे संबंधित थी। जिला प्रमुख पदों का आरक्षण पहले ही निर्धारित किया जा चुका है। अब गुरुवार की उपखंड स्तर की लॉटरी के बाद पंचायती राज चुनाव में गांव से लेकर जिला स्तर तक आरक्षण की तस्वीर लगभग पूरी तरह साफ हो जाएगी। इसके साथ ही लंबे समय से अपने-अपने क्षेत्र में चुनावी तैयारी कर रहे दावेदारों की नजरें अपने गांव और वार्ड की लॉटरी पर टिकी हैं।

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