जयपुर-जोधपुर-कोटा के महापौर और सुकेत अध्यक्ष का फैसला कल : कहीं बहुमत का गणित, कहीं निर्दलीयों की चाबी; 375 पार्षद करेंगे चार प्रमुख पदों का चुनाव
जोधपुर : 100 वार्ड, एक सीट के अंतर से भाजपा आगे
जयपुर। राजस्थान के 4 महत्वपूर्ण नगरीय निकायों—जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगम तथा कोटा जिले की सुकेत नगर पालिका—में शुक्रवार, 25 सितंबर को महापौर और अध्यक्ष पद का फैसला होगा। मतदान सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक होगा और मतदान समाप्त होते ही मतगणना शुरू कर दी जाएगी। राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार परिणाम भी शुक्रवार को ही घोषित होंगे। इन चारों निकायों में कुल 375 वार्ड हैं। पार्षद चुनाव के अंतिम परिणामों के बाद चारों जगह राजनीतिक गणित अलग-अलग है। जयपुर और कोटा में भाजपा के पास बहुमत से अधिक पार्षद हैं, जबकि जोधपुर और सुकेत में किसी एक दल को बहुमत नहीं मिला है।
जयपुर : 150 वार्ड, भाजपा 78 और कांग्रेस 57
जयपुर नगर निगम में कुल 150 वार्ड हैं। अंतिम परिणाम में भाजपा के 78, कांग्रेस के 57 और निर्दलीय 15 पार्षद हैं। पुनर्मतदान वाले चार वार्डों—9, 18, 25 और 34—में कांग्रेस की जीत के बाद कांग्रेस का आंकड़ा 53 से बढ़कर 57 हुआ। महापौर पद के लिए भाजपा ने सुनील कोठारी और कांग्रेस ने सुनीता महावर को प्रत्याशी बनाया है। दोनों के नामांकन स्वीकार हो चुके हैं और अब सीधा मुकाबला है।
जोधपुर : 100 वार्ड, एक सीट के अंतर से भाजपा आगे
जोधपुर नगर निगम के 100 वार्डों में भाजपा के 45, कांग्रेस के 44, निर्दलीय 10 और आरएलपी का 1 पार्षद है। यानी भाजपा और कांग्रेस के बीच महज एक सीट का अंतर है और किसी भी दल के पास 51 का बहुमत नहीं है। महापौर पद के लिए भाजपा ने प्रसन्नचंद मेहता और कांग्रेस ने राजेंद्र सिंह सोलंकी को मैदान में उतारा है। दोनों के नामांकन पर आई आपत्तियां खारिज हो चुकी हैं, इसलिए अब दोनों के बीच सीधा मुकाबला है।
कोटा : 100 वार्ड, भाजपा के पास 57
कोटा नगर निगम में कुल 100 वार्ड हैं। पुनर्मतदान के बाद भाजपा के 57, कांग्रेस के 39 और निर्दलीय 4 पार्षद हैं। पुनर्मतदान वाले तीन वार्डों में दो भाजपा और एक कांग्रेस के खाते में गया। महापौर पद ओबीसी महिला के लिए आरक्षित है। भाजपा ने अनुसुइया गोस्वामी और कांग्रेस ने सुनीता सुमन को प्रत्याशी बनाया है।
सुकेत : 25 वार्ड, कांग्रेस 11 और भाजपा 10
कोटा जिले की सुकेत नगर पालिका में 25 वार्ड हैं। यहां कांग्रेस के 11, भाजपा के 10 और निर्दलीयों के 4 पार्षद हैं। बहुमत के लिए 13 पार्षदों का समर्थन जरूरी है। सुकेत अध्यक्ष पद के लिए कुल चार प्रत्याशी मैदान में हैं—भाजपा के जितेन्द्र चौपड़ा, कपिल भावसार और विकास चौहान, जबकि कांग्रेस के उमरदीन खान।
चारों निकायों में जयपुर और कोटा का मुकाबला मुख्यतः दो दलों के बीच है, जबकि जोधपुर में भाजपा-कांग्रेस के बीच बेहद करीबी संख्या के कारण निर्दलीय और आरएलपी पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण है। सुकेत में भी कांग्रेस बहुमत से दो और भाजपा तीन सीट दूर है तथा चार निर्दलीय पार्षदों के वोट अहम होंगे। यह केवल मौजूदा पार्षद संख्या पर आधारित चुनावी गणित है; महापौर/अध्यक्ष का वास्तविक फैसला 25 सितंबर के मतदान से होगा। इन चारों निकायों में कुछ वार्डों में ईवीएम तकनीकी खराबी के कारण पुनर्मतदान हुआ था। इसी वजह से बाकी निकायों के मुकाबले यहां प्रमुख पदों का चुनाव 25 सितंबर को कराया जा रहा है।

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