निकाय चुनाव : भीतरघात की तलाश में कांग्रेस, अब जिलों से मांगा हिसाब
अब रिपोर्ट से कार्रवाई का रास्ता
जयपुर। निकाय चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस ने अब हार के भीतर छिपे कारणों की तलाश शुरू कर दी है। बहुमत मिलने के बावजूद कई निकायों में बोर्ड नहीं बनने और सभापति, महापौर चुनाव में पार्टी प्रत्याशियों के खिलाफ क्रॉस वोटिंग के बाद प्रदेश कांग्रेस ने जिलाध्यक्षों और जिला प्रभारियों से दो दिन में रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट में भीतरघात करने वाले पार्षदों और नेताओं की भूमिका बताने के निर्देश दिए गए हैं।
वेणुगोपाल की बैठक के बाद सक्रियता :
कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सोमवार को जयपुर में बैठक कर जिलेवार फीडबैक लिया था। पाली और अजमेर समेत कई निकायों में पार्टी की स्थिति मजबूत होने के बावजूद बोर्ड नहीं बनने का मुद्दा प्रमुखता से उठा। वेणुगोपाल ने यह भी कहा था कि प्रशासनिक दुरुपयोग और संगठन के भीतर की भूमिका, दोनों पहलुओं की जांच होगी।
पाली बना सबसे बड़ा सवाल :
पाली में कांग्रेस के 29 और भाजपा के 21 पार्षद होने के बावजूद कांग्रेस प्रत्याशी सुमित्रा जैन को केवल तीन वोट मिले। यानी पार्टी के भीतर क्रॉस वोटिंग का मामला सबसे स्पष्ट रूप से सामने आया। अजमेर में भी बढ़त के बावजूद कांग्रेस बोर्ड और महापौर नहीं बना सकी।
अब रिपोर्ट से कार्रवाई का रास्ता :
प्रदेश कांग्रेस महासचिव और प्रवक्ता स्वर्णिम चतुर्वेदी के अनुसार रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई होगी। ऐसे में जिलों से आने वाली रिपोर्ट यह तय करेगी कि पार्टी इसे केवल चुनावी समीक्षा मानती है या जिम्मेदार नेताओं पर अनुशासनात्मक कार्रवाई तक जाती है।

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