रितु बराला को न्याय के लिए थानों में क्यों जलील किया जा रहा: गहलोत
पुलिस अधिकारियों को सत्ता का मोहरा न बनने की सलाह
जयपुर। पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने रितु बराला के मामले में राजस्थान सरकार और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जयपुर पुलिस को केवल जीरो एफआईआर दर्ज कर मामला दिल्ली पुलिस को स्थानांतरित करना है, जहां आगे की कार्रवाई होनी है। इसके बावजूद राजस्थान की बेटी को न्याय के लिए थानों के चक्कर क्यों लगाने पड़ रहे हैं।
गहलोत ने कहा कि क्या कांग्रेस या एनएसयूआई से जुड़े होने के कारण किसी बेटी को न्याय से वंचित रखा जाएगा। गहलोत ने कहा कि अपराध कहीं भी हुआ हो, जीरो एफआईआर दर्ज की जा सकती है। उन्होंने मुख्यमंत्री से तत्काल एफआईआर दर्ज कराने और पुलिस को राजनीतिक दबाव से मुक्त रखने की मांग की।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल पहुंचा डीजीपी और सीपी निवास
पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा मंगलवार को रितु बराला मामले में एफआईआर दर्ज करने और न्याय की मांग को लेकर कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के साथ डीजीपी और जयपुर पुलिस कमिश्नर के निवास पर पहुंचे। हालांकि, दोनों ही अधिकारियों से प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात नहीं हो सकी। डोटासरा के अनुसार अधिकारियों की ओर से मिलने का समय भी नहीं दिया। डोटासरा ने सवाल उठाया कि न्याय की मांग लेकर पहुंचे प्रतिनिधिमंडल से मिलने से इनकार क्यों किया। राजस्थान पुलिस को अपने संवैधानिक और कानूनी दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। पुलिस को सत्ता के दबाव में काम करने के बजाय कानून के मुताबिक निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए। पुलिस अधिकारियों को भाजपा के राजनीतिक हितों का मोहरा नहीं बनना चाहिए।

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