रितु बराला की शिकायत पर जयपुर में जीरो एफआईआर दर्ज करने से इनकार, दिल्ली पुलिस पहले से कर रही जांच
कांग्रेस नेताओं ने पुलिस आयुक्तालय में दिया धरना
जयपुर। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव रितु बराला से जुड़े दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान कथित मारपीट के मामले को लेकर जयपुर में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। रितु बराला ने 19 अक्टूबर को जयपुर के मोती डूंगरी थाने पहुंचकर दिल्ली पुलिस की तीन महिला आरक्षियों के खिलाफ परिवाद पेश किया और जयपुर में जीरो एफआईआर दर्ज कर दिल्ली भेजने की मांग की। इसके बाद कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा के नेतृत्व में पार्टी के विधायक, पूर्व विधायक और अन्य नेता पुलिस आयुक्तालय पहुंचे तथा अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, अपराध से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग की। मांग पूरी नहीं होने पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आयुक्तालय परिसर में धरना शुरू कर दिया, जो प्रेस नोट जारी होने तक जारी था। वहीं, जयपुर पुलिस का कहना है कि इसी घटना के संबंध में दिल्ली के कनॉट प्लेस थाने में पहले ही परिवाद दिया जा चुका है और वहां दर्ज प्रकरण में जांच चल रही है। ऐसे में जयपुर में उन्हीं तथ्यों के आधार पर अलग से एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान मारपीट का आरोप
जयपुर पुलिस की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, रितु बराला ने 19 अक्टूबर 2026 को पुलिस थाना मोती डूंगरी, जयपुर पूर्व पहुंचकर परिवाद प्रस्तुत किया था। इसमें आरोप लगाया गया कि 13 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस की महिला आरक्षी चंचल यादव, सोनिका और ज्योति ने उनके साथ मारपीट की। रितु बराला ने परिवाद में यह भी कहा कि वह उपचार कराने में व्यस्त रहने के कारण अब तक दिल्ली जाकर रिपोर्ट दर्ज नहीं करा सकीं और इस मामले में जयपुर में जीरो एफआईआर दर्ज कर दिल्ली भेजी जाए।
डोटासरा के नेतृत्व में पुलिस आयुक्तालय पहुंचे कांग्रेस नेता
रितु बराला के परिवाद के बाद कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा के नेतृत्व में पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता पुलिस आयुक्तालय पहुंचे। इनमें विधायक अमीन कागजी, रफीक खान, पूर्व विधायक प्रताप सिंह खाचरियावास, पूर्व विधायक गंगा देवी, जयपुर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुनील शर्मा और महिला कांग्रेस अध्यक्ष सारिका सिंह सहित करीब 40 से 50 कार्यकर्ता शामिल थे। कांग्रेस नेताओं ने अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, अपराध के समक्ष पूरे मामले में जीरो एफआईआर दर्ज कर उसे दिल्ली पुलिस को भेजने की मांग रखी। इसके बाद नेता और कार्यकर्ता पुलिस आयुक्तालय परिसर में धरने पर बैठ गए। पुलिस के अनुसार, प्रेस नोट जारी किए जाने तक धरना जारी था।
दिल्ली के कनॉट प्लेस थाने में पहले ही दिया जा चुका है परिवाद
जयपुर पुलिस ने अपने स्पष्टीकरण में बताया कि मामले के संबंध में दिल्ली पुलिस से संपर्क करने पर जानकारी मिली कि 13 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस, सीजेपी और अन्य संगठनों की ओर से दिल्ली में धरना-प्रदर्शन किया जा रहा था। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था। इसी दौरान रितु बराला और दिल्ली पुलिस की महिला आरक्षियों चंचल यादव, सोनिका तथा ज्योति के बीच धक्का-मुक्की होने की बात सामने आई। पुलिस के अनुसार, इस घटनाक्रम को लेकर रितु बराला ने 13 अक्टूबर को ही दिल्ली के पुलिस थाना कनॉट प्लेस में परिवाद प्रस्तुत कर दिया था। दिल्ली पुलिस इस शिकायत की जांच कर रही है। इस मामले में कनॉट प्लेस थाने में प्रकरण संख्या 291/2026 दर्ज है और उसी के अनुसंधान के तहत संबंधित परिवाद की जांच की जा रही है।
जयपुर पुलिस ने क्यों नहीं दर्ज की जीरो एफआईआर?
जयपुर पुलिस के मुताबिक, जीरो एफआईआर दर्ज करने की मांग के संबंध में यह तथ्य सामने आया कि संबंधित घटना को लेकर शिकायत पहले ही दिल्ली के कनॉट प्लेस थाने में दी जा चुकी है। घटना और उससे जुड़े आरोप दिल्ली पुलिस के संज्ञान में हैं तथा मामले की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि जब उन्हीं तथ्यों और घटनाक्रम के संबंध में संबंधित थाने में पहले से प्रकरण दर्ज है और जांच चल रही है, तो उन्हीं तथ्यों के आधार पर जयपुर में अलग से एफआईआर दर्ज करना विधिसम्मत नहीं माना गया। इसी आधार पर जयपुर पुलिस ने नया प्रकरण दर्ज नहीं किया।
दिल्ली पुलिस की जांच के बाद होगी नियमानुसार कार्रवाई
जयपुर पुलिस ने रितु बराला की ओर से उपचार में व्यस्त रहने के कारण अब तक रिपोर्ट दर्ज नहीं करा पाने के संबंध में किए गए उल्लेख पर भी अपना पक्ष रखा। पुलिस के अनुसार, संबंधित शिकायत 13 अक्टूबर को ही दिल्ली के कनॉट प्लेस थाने में प्रस्तुत की जा चुकी थी। इसलिए यह कहना तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है कि अब तक रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई थी। पुलिस ने स्पष्ट किया कि मामले की जांच दिल्ली के कनॉट प्लेस थाने में दर्ज प्रकरण संख्या 291/2026 के अनुसंधान के तहत की जा रही है। जांच के बाद दिल्ली पुलिस द्वारा विधि के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस प्रकार, रितु बराला की शिकायत को लेकर जयपुर में जीरो एफआईआर दर्ज करने की मांग और कांग्रेस नेताओं के धरने के बीच जयपुर पुलिस ने पहले से दर्ज दिल्ली के प्रकरण को आधार बनाते हुए अलग से मामला दर्ज नहीं किया है। फिलहाल पूरे घटनाक्रम में आगे की कार्रवाई दिल्ली पुलिस की जांच और उसके निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।

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