पेट्रोल-डीजल बेचने-वितरण पर लगी पाबंदियां 1 जुलाई से हटेंगी, आम उपभोक्ताओं के साथ व्यावसायियों-औद्योगिक यूनिट्स और किसानों को मिलेगी राहत
बड़ी मात्रा में बिक्री और दोबारा बिक्री पर प्रतिबंध
जयपुर। राजस्थान सहित देशभर में ईरान-अमेरिका युद्ध के चलते पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति प्रभावित होने से पेट्रोल और डीजल के डीलर्स पर बेचान-वितरण पर लगाई गई पाबंदियों को अब पेट्रोलियम कंपनियों ने 1 जुलाई से हटाने का ऐलान केन्द्र के निर्देशों के बाद किया है। होर्मुज से माल वाहक जहाजों की आवाजाही पहले की तरह संभवत: सामान्य होने की ओर बढ़ रही है। ऐसे में अब प्रदेश में भी आम उपभोक्ताओं, इंडस्ट्रीज, किसानों इत्यादि को 1 जुलाई से पूर्व की भांति र्इंधन बिना शर्त मिलने लगेगा। पाबंदिया अप्रैल-मई माह में लगाई गई थी।
ये लगी थी पाबंदियां :
कंपनियों द्वारा सप्लाई में कटौती-
आईओसीएल, बीपीसीएल, एचपीसीएल कंपनियों ने पेट्रोल पंपों को कम ईंधन सप्लाई शुरू की थी। सप्लाई में कटौती कर दी थी, क्योंकि कंपनियों को कच्चे तेल के दामों में बढ़ोतरी और प्रदेश में दामों में उस मुताबिक बढ़ोतरी नहीं होने से भारी घाटा हो रहा था।
डीजल की खरीद पर सीमा तय की थी-
प्रति ग्राहक या प्रति वाहन प्रतिदिन 200 लीटर डीजल तक ही बिक्री की अनुमति डीलर्स को थी। इससे अधिक बेचान पर रोक थी।
औद्योगिक उपभोक्ताओं पर थी मनाही-
ट्रक, फैक्ट्रियों आदि व्यावसायिक और औद्योगिक उपयोगकर्ताओं को पेट्रोल पंपों रिटेल आउटलेट से पेट्रोल या डीजल खरीदने की मनाही थी। उन्हें केवल बल्क सप्लाई केंद्रों या डिपों से ही ईंधन लेना जरुरी किया गया था।
बड़ी मात्रा में बिक्री और दोबारा बिक्री पर प्रतिबंध-
पेट्रोल पंपों से बड़ी मात्रा यानी बल्क में बिक्री पर सख्ती थी। खरीदे गए ईंधन को दोबारा बेचने की पूरी तरह मनाही थी।

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