हाईसिक्योरिटी जेल में कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या : साथी बंदी ने बैरक में गमछे से घोंटा गला, पुलिस-प्रशासन में हड़कंप
मौत से पहले दोनों ने साथ खेला लूडो
कासं/अजमेर। प्रदेश की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली अजमेर के घूघरा स्थित हाईसिक्योरिटी जेल में सोमवार दोपहर जेल में बंद धौलपुर के कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की उसके ही साथी बंदी विष्णु ने बैरक में गला घोंटकर हत्या कर दी। वारदात के बाद जेल प्रशासन सहित पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। जेल अधीक्षक पारस जांगीड़ की सूचना पर न्यायिक अधिकारी सहित पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला भी अन्य आला अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और वारदात की गंभीरता को देखते हुए जेल में एफएसएल और सीआईडी जोन की टीमों को बुलाया गया। वारदात वाली सेल की पूरी वीडियोग्राफी कराई गई। इसके बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लिया। पुलिस ने शव को जेएलएन अस्पताल के चीरघर में रखवाया, जहां मंगलवार को परिजनों के आने पर मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया जाएगा। एसपी हर्षवर्धन अग्रवाल ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी बंदी विष्णु ने कुबूल किया है कि सोमवार दोपहर अचानक दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। झगड़ा बढ़ने पर उसने गुस्से में आकर अपने गमछे से जगन का गला घोंट दिया। एसपी ने बताया मृतक के शरीर पर बाहर से कोई चोट के निशान नजर नहीं आ रहे हैं। पुलिस आरोपी विष्णु सहित जेल के अन्य बंदियों और ड्यूटी पर तैनात स्टाफ से भी पूछताछ कर रही है।
मौत से पहले दोनों ने साथ खेला लूडो :
हाईसिक्योरिटी जेल में बन्द हार्डकोर बदमाश विष्णु ने अपने साथी बंदी डकैत जगन गुर्जर की हत्या करने से पहले उसके साथ जेल में लूडो खेला था। जेल अधीक्षक पारस जांगिड़ ने बताया कि सुबह दोनों को अपनी बैरक की सफाई भी करते देखा गया था। दोनों एक साथ पहले भी रहे हैं। उन्होंने बताया कि भरतपुर निवासी विष्णु जेल में करीब 3 वर्ष से बंद है। जबकि जगन गुर्जर मार्च 2026 में हाई सिक्योरिटी जेल आया है। हालांकि इससे पूर्व में भी जगन कई बार हाई सिक्योरिटी जेल में रहकर गया था। जांगिड़ ने बताया कि जगन व विष्णु दोनों 11 बजे सेल में चल गए थे। दोपहर करीब 3 बजे संतरी ब्लॉक में गया और सेल में रहने वाले बंदियों को चाय का समय होने के लिए बोलने लगा। उस दौरान संतरी ने देखा कि जगन नहीं उठ रहा था। उसने जगन को उठाना चाहा तो वह मृत अवस्था में था। इस पर संतरी ने स्टाफ व अधिकारियों को जानकारी दी। उसके बाद जेल प्रशासन में हड़कम्प मच गया।
दोनों में पहले कभी झगड़ा नहीं हुआ :
जेल अधीक्षक ने बताया कि दोनों बंदी विष्णु व जगन गुर्जर के बीच पहले कभी झगड़ा होते नहीं देखा गया। हालांकि उन्हें अभी जेल अधीक्षक का पदभार संभाले चार दिन हुए हैं। दोनों के बीच में कभी कोई विवाद नहीं हुआ। अगर उनमें कोई विवाद होता तो जेल स्टाफ दोनों को एक सेल तो क्या एक ब्लॉक में भी नहीं रखते। ऐसे बन्दियों को जेल में अलग-अलग रखा जाता है। जहां तक होता है रंजिश वाले बंदी एक स्थान पर नहीं रखे जाते हैं।
मुर्दाघर पर पुलिस बल तैनात :
जगन गुर्जर की हत्या के बाद में पुलिस ने शव जेएलएन अस्पताल के मुर्दाघर में रखवा दिया है। एसपी हर्षवर्धन अगरवाला के निर्देश पर ऐहतियातन कोतवाली थाने का दल मुर्दाघर पर तैनात कर दिया गया है। मोर्चरी को पुलिस ने सुरक्षा घेरे में ले लिया है। जहां पुलिस शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम कराएगी।

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