सप्तम वित्त आयोग की बैठक : ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों में तेजी लाने का मकसद, आयोग अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी ने लिए प्रतिनिधियों से सुझाव
विकास कार्यों में तेजी लाने पर विस्तृत चर्चा
जयपुर। राजस्थान के सप्तम राज्य वित्त आयोग की पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ राज्य स्तरीय संवाद, पंचायती राज सभागार, शासन सचिवालय में आयोजित किया गया। आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में ग्रामीण स्थानीय निकायों की वित्तीय स्थिति, संसाधनों के बेहतर उपयोग और विकास कार्यों में तेजी लाने पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों ने विभिन्न सुझाव प्रस्तुत किए। प्रतिनिधियों ने मुख्य रूप से पंचायतों को राज्य सरकार के कर राजस्व में उचित हिस्सेदारी सुनिश्चित करने, स्वयं के स्रोतों से राजस्व संग्रह को बढ़ावा देने, बुनियादी ढांचे जैसे सड़क, पानी, स्वच्छता और डिजिटल सुविधाओं के लिए अतिरिक्त अनुदान की मांग की। कई प्रतिनिधियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण, कृषि आधारित उद्यमिता और महिला स्व-सहायता समूहों को वित्तीय सहायता बढ़ाने पर जोर दिया। साथ ही, पंचायत स्तर पर क्षमता निर्माण प्रशिक्षण, पारदर्शी लेखा-जोखा प्रणाली और 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप फंड ट्रांसफर में आसानी की मांग रखी गई।
कुछ प्रतिनिधियों ने छोटे गांवों और दूर-दराज क्षेत्रों में संसाधनों की कमी का मुद्दा उठाते हुए समान विकास पर बल दिया। आयोग अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह संवाद अत्यंत उपयोगी रहा। प्रतिनिधियों के सुझावों को आयोग गंभीरता से लेगा और रिपोर्ट तैयार करते समय इन्हें शामिल किया जाएगा। चतुर्वेदी ने बताया कि पंचायती राज संस्थाएं लोकतंत्र की जड़ हैं।

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