जयपुर में गूंजा देशभक्ति का जज्बा, 'तिरंगा: ए जर्नी' ने बांधा समां
दर्शकों को मिला राष्ट्रनिर्माण का संदेश
जयपुर। संगीत नाटक अकादेमी, नई दिल्ली द्वारा आयोजित राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव 2026 के अंतर्गत बुधवार को केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के सभागार में देशभक्ति पर आधारित नाटक 'तिरंगा : ए जर्नी' का प्रभावशाली मंचन किया गया। उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा अवार्डी रंगकर्मी प्रियदर्शिनी मिश्रा के लेखन एवं निर्देशन में प्रस्तुत इस नाटक ने दर्शकों को स्वतंत्रता संग्राम के स्वर्णिम इतिहास के साथ वर्तमान सामाजिक चुनौतियों पर गंभीर आत्ममंथन के लिए प्रेरित किया। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के तत्वावधान में तथा क्यूरियो अ परफॉर्मिंग आर्ट सोसाइटी की प्रस्तुति के रूप में आयोजित इस नाटक को दर्शकों ने भावपूर्ण तालियों के साथ सराहा। स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान से वर्तमान की चुनौतियों तक नाटक की शुरुआत वर्तमान समाज के उस यथार्थ से हुई, जहां ईर्ष्या, लालच, भेदभाव और स्वार्थ जैसी
प्रवृत्तियां सामाजिक ताने बाने को कमजोर करती दिखाई देती हैं। इन परिस्थितियों से व्यथित भारत का मार्मिक संवाद दर्शकों को यह सोचने पर विवश करता है कि क्या यही वह भारत है, जिसके लिए असंख्य वीरों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया था। इसके बाद कथा स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में प्रवेश करती है और मंगल पांडे से लेकर अनेक क्रांतिकारियों के संघर्ष, साहस और बलिदान को सशक्त रंगमंचीय भाषा में प्रस्तुत करती है। युवा पीढ़ी को दिया आत्ममंथन और राष्ट्रनिर्माण का संदेश नाटक का केंद्रीय संदेश यह रहा कि आज देश को बाहरी शत्रुओं से अधिक भीतर पनप रही सामाजिक बुराइयों से संघर्ष करने की आवश्यकता है।

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