टीकाराम जूली का कानून व्यवस्था को सरकार पर हमला, कहा- अपराध होने से पहले प्रभावी कार्रवाई कर वारदात को रोकना पुलिस का काम
अपराधियों की गिरफ्तारी के बाद अपनी पीठ खुद थपथपाने में लगी पुलिस
अलवर। राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने अलवर की कानून व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। जूली ने रविवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पुलिस का काम केवल अपराध होने के बाद आरोपियों को गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि अपराध होने से पहले अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई करके वारदात रोकना है। उन्होंने कहा कि अलवर में लगातार गंभीर आपराधिक घटनाएं हो रही हैं, लेकिन पुलिस अपराधियों की गिरफ्तारी के बाद अपनी पीठ खुद थपथपाने में लगी है।
जूली ने भूगोर के छात्र की हत्या, पेट्रोल पंप सेल्समैन पर गोलीबारी, व्यापारी की हत्या, वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) अधिकारी के घर हुई लूट और शहर में हुई बड़ी चोरी जैसी घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ये सभी घटनाएं जिले की बिगड़ती कानून व्यवस्था का प्रमाण हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की बीट कांस्टेबल व्यवस्था पूरी तरह विफल हो चुकी है और खुफिया एजेंसी (आईबी) तंत्र भी प्रभावी तरीके से काम नहीं कर रहा है। खुफिया तंत्र और बीट व्यवस्था मजबूत होती, तो कई वारदातों को होने से पहले रोका जा सकता था।
जूली ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जब भाजपा विधायक ही गौ शालाओं के नाम पर सरकारी जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं, तो आम लोगों से नियमों के पालन की उम्मीद कैसे की जा सकती है। उन्होंने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री एवं अलवर सांसद भूपेंद्र यादव पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि अलवर आने पर स्थानीय भाजपा नेता केवल उनकी मौजूदगी दर्ज कराने में लगे रहते हैं। जूली ने कहा कि बैठकों के बजाय विकास कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्था की प्रभावी निगरानी पर ध्यान दिया जाना चाहिए, क्योंकि धरातल पर कोई खास काम दिखाई नहीं दे रहा है।

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