एम्बुलेंस की तेज रफ्तार में थम गई दो जिंदगियां : हार्ट पेशेंट की एम्बुलेंस पलटी, दो भाइयों की मौत

एम्बुलेंस सेवाओं में सुरक्षा और मेडिकल सपोर्ट की कमी पर सवाल

एम्बुलेंस की तेज रफ्तार में थम गई दो जिंदगियां : हार्ट पेशेंट की एम्बुलेंस पलटी, दो भाइयों की मौत

दिल की बीमारी से जूझ रहे 57 वर्षीय सिराजुद्दीन को बचाने की आखिरी उम्मीद एम्बुलेंस थी, लेकिन वही एम्बुलेंस मौत का सबब बन गई। तेज रफ्तार में चल रही एम्बुलेंस अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे कार्डियक मरीज सिराजुद्दीन और उनके भाई अब्दुल फिरोज की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

जयपुर। दिल की बीमारी से जूझ रहे 57 वर्षीय सिराजुद्दीन को बचाने की आखिरी उम्मीद एम्बुलेंस थी, लेकिन वही एम्बुलेंस मौत का सबब बन गई। तेज रफ्तार में चल रही एम्बुलेंस अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे कार्डियक मरीज सिराजुद्दीन और उनके भाई अब्दुल फिरोज (52) की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में चार अन्य लोग घायल हो गए, जिनमें मृतकों का छोटा भाई आमीन चौहान (42) भी शामिल है। यह हादसा 27 जनवरी की शाम करीब 7 बजे हुआ। झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी क्षेत्र के गुढ़ागौड़जी निवासी सिराजुद्दीन को हार्ट की गंभीर समस्या के कारण चौमूं स्थित बराला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल ने उन्हें जयपुर के मानसरोवर स्थित निजी अस्पताल में शिफ्ट करने की सलाह दी। एम्बुलेंस में मरीज के साथ उनके चार भाई, ड्राइवर और नर्सिंग स्टाफ सवार थे। परिवार के अन्य सदस्य दूसरी गाड़ी से पीछे-पीछे आ रहे थे, लेकिन ट्रैफिक जाम के कारण वे अलग हो गए।

परिवार के सदस्य आमीन चौहान ने बताया कि एम्बुलेंस तेज रफ्तार में चल रही थी। अचानक वाहन अनियंत्रित हो गया और पलट गया। हादसे के दौरान सिराजुद्दीन का ऑक्सीजन मास्क हट गया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। अब्दुल फिरोज आगे बैठे थे, जो गिरकर सड़क पर लटक गए और सिर में गंभीर चोट लगने से उनकी भी जान चली गई। परिजनों का आरोप है कि हादसे के बाद मौके पर कोई तत्काल मेडिकल सहायता नहीं मिली। यदि समय पर ऑक्सीजन सपोर्ट मिलता और मरीज को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जाता, तो शायद सिराजुद्दीन की जान बच सकती थी। उन्होंने निजी अस्पताल पर भी लापरवाही का आरोप लगाया। कहा गया कि चिरंजीवी योजना की लिमिट खत्म होने का हवाला देकर अस्पताल ने शिफ्ट करने को कहा, डॉक्टर टीम भेजने के नाम पर 3500 रुपये लिए, लेकिन एम्बुलेंस में पर्याप्त मेडिकल सपोर्ट नहीं था। परिवार ने यह भी आशंका जताई कि ड्राइवर ने शराब पी रखी हो सकती है, जिसके कारण तेज रफ्तार में हादसा हुआ। दोनों मृतक परिवार के इकलौते कमाने वाले थे। सिराजुद्दीन के परिवार में पांच बेटियां और एक छोटा बेटा है, जबकि अब्दुल फिरोज के पांच बेटियां और दो बेटे हैं। फिरोज कसाइयों को बकरे सप्लाई करने का काम करते थे। एक्सीडेंट थाना वेस्ट के जांच अधिकारी रघुनंदन शर्मा ने बताया कि एम्बुलेंस में कुल सात लोग सवार थे। तेज रफ्तार के कारण वाहन पलट गया। ड्राइवर प्रकाश के सिर में गंभीर चोट आई है। मामले की जांच जारी है। यह घटना एक बार फिर एम्बुलेंस सेवाओं में सुरक्षा और मेडिकल सपोर्ट की कमी पर सवाल खड़े कर रही है।

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