विश्व वन्यजीव दिवस आज: स्लोथ बियर और हिप्पो में सफल प्रजनन प्रदेश में केवल नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क

गुजरात से लाया जा सकता है ऊदबिलाव

विश्व वन्यजीव दिवस आज: स्लोथ बियर और हिप्पो में सफल प्रजनन प्रदेश में केवल नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क
गुलाबी नगरी स्थित नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क, झालाना लेपर्ड रिजर्व, हाथी गांव, लॉयन सफारी में वन्यजीवों को देखने की चाह लिए हजारों पर्यटक यहां की विजिट करते हैं। खासकर एगजोटिक पार्क में रहवास कर रहा हिप्पो परिवार विजिटर्स की पहली पसंद बना हुआ है।

जयपुर। गुलाबी नगरी स्थित नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क, झालाना लेपर्ड रिजर्व, हाथी गांव, लॉयन सफारी में वन्यजीवों को देखने की चाह लिए हजारों पर्यटक यहां की विजिट करते हैं। खासकर एगजोटिक पार्क में रहवास कर रहा हिप्पो परिवार विजिटर्स की पहली पसंद बना हुआ है। प्रदेश में नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क ऐसी पहली जगह है, जहां विजिटर्स को हिप्पो देखने को मिलते हैं। इसके अतिरिक्त यहां 26 विभिन्न प्रजातियों के तकरीबन 270 से अधिक वन्यजीव रहवास कर रहे हैं।

स्लोथ बियर का हुआ सफल प्रजनन
प्रदेश के बायोलॉजिकल पार्कों और चिड़ियाघरों की बात करें तो जयपुर स्थित नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में रहवास कर रहे स्लोथ बियर में (कैप्टिविटी में) पहली बार सफल प्रजनन हुआ। दूसरे जिलों के बायोलॉजिकल पार्कों और चिड़ियाघर में (कैप्टिविटी में) ऐसा अब तक नहीं हो पाया है। नर भालू शम्भू, मादा झुमरी और बच्चा गणेश अपने एन्क्लोजर में चहल-कदमी करते हुए देखे जा सकते हैं।

एक जोड़ा लाए, अब संख्या तीन हुई
दिल्ली चिड़ियाघर से अगस्त, 2019 में हिप्पो का पहला और एकमात्र जोड़ा नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क लाया गया। जहां 17 जुलाई, 2020 में इसका (कैप्टिविटी में) सफल प्रजनन हुआ। प्रदेश में इसकी उपस्थिति केवल जयपुर में देखने को मिलती है। साथ ही प्रदेश के बायोलॉजिकल पार्कों के इतिहास में पहली बार इस प्रजाति के एनीमल में सफल प्रजनन भी यहीं हुआ है। अभी ये हिप्पो जोड़ा बायोलॉजिकल पार्क स्थित एगजोटिक पार्क में रहवास कर रहा है। साथ ही ये जोड़ा फिर से खुशखबरी दे सकता है।

सबसे ज्यादा वुल्फ यहां
प्रदेश के बायोलॉजिकल पार्कों की बात करें तो सबसे ज्यादा वुल्फ नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में ही देखने को मिलते हैं। नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरविंद माथुर ने बताया कि यहां इनमें कैप्टिविटी में अच्छी ब्रीडिंग भी हो रही है। इसी का नतीजा है कि वन्यजीव एक्सचेंज कार्यक्रम के तहत वुल्फ के बदले देश के विभिन्न बायोलॉजिकल पार्कों और चिड़ियाघरों से जयपुर को अच्छ एनीमल्स मिले हैं। साथ ही स्लोथ बियर और हिप्पो में सफल प्रजनन केवल यहीं देखने को मिला है।

8 विभिन्न प्रजातियों के हिरण भी यहां
नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क ऐसी पहली जगह है। जहां विजिटस को 8 विभिन्न प्रजातियों के हिरण देखने को मिलते हैं। इनमें चीतल, चिंकारा, सिक्का डियर, हॉक डियर, सांभर, ब्लैक बग, बारहसिंघा और चौसिंघा के नाम शामिल है। साथ ही इनमें सफल प्रजनन भी हो रहा है। खासकर चिंकारा में अच्छी ब्रीडिंग हो रही है। इन्हें एक्सचेंज कार्यक्रम के तहत देश के अन्य चिड़ियाघरों में दिया जा चुका है।

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