पीएनबी बैंक घोटाला: मुख्य आरोपी मैनेजर को मथुरा से पकड़ा, पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश असफल
झुंझुनूं गोल्ड लोन घोटाले में बैंक मैनेजर गिरफ्तार
झुंझुनूं के पीएनबी गोल्ड लोन घोटाले में फरार बैंक मैनेजर अमित जांगिड़ मथुरा से गिरफ्तार। 6.50 करोड़ के सोने की हेराफेरी की जांच जारी।
नवलगढ़/झुंझुनूं।। झुंझुनूं में पंजाब नेशनल बैंक में 6.50 करोड़ रुपए के गोल्ड लोन घोटाले के मुख्य आरोपी बैंक मैनेजर अमित जांगिड़ को पुलिस ने मथुरा के रेलवे स्टेशन के बाहर से गिरफ्तार कर लिया है। इस दौरान मैनेजर ने पुलिस हिरासत से भागने की भी कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ लिया। नवलगढ़ स्थित पीएनबी शाखा में साढ़े 6 करोड़ रुपए के गोल्ड लोन घोटाले के मामले में एक आरोपी बैंक के बीसी संचालक संतोष कुमार सैनी हिरासत में है। मुख्य आरोपी और तत्कालीन ब्रांच मैनेजर अमित जांगिड़ फरार था जिसे आज गिरफ्तार कर लिया गया है।
पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) नवलगढ़ शाखा में गोल्ड लोन के नाम पर हुए बड़े फर्जीवाड़े का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। करीब 6 करोड़ रुपये से अधिक के गोल्ड गबन के मामले में पुलिस ने पूर्व बैंक मैनेजर अमित जांगिड़ और बैंक में बीसी (बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट) का काम करने वाले संतोष सैनी को गिरफ्तार किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक झुंझुनू बृजेश ज्योति उपाध्याय आईपीएस के निर्देशन में विशेष टीम गठित कर त्वरित कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार आरोपी अमित जांगिड़, जो पीएनबी नवलगढ़ में तत्कालीन शाखा प्रबंधक था, उनहोंने संतोष सैनी के साथ मिलकर फर्जी गोल्ड लोन खातों का जाल बिछाया। लालच देकर परिवारजनों व परिचितों के नाम पर ऑनलाइन खाते खुलवाए गए और ओटीपी बैंक के भीतर ही प्राप्त कर गोल्ड लोन की राशि निकाली गई। इस राशि का एक हिस्सा संतोष सैनी अपने पास रखता था, जबकि शेष रकम अमित जांगिड़ द्वारा हड़प ली जाती थी।
जांच में सामने आया कि बैंक में रखे गोल्ड सेफ से असली सोना निकालकर उसकी जगह नकली आभूषण रख दिए गए। कुछ मामलों में असली सोने को अन्य बैंकों में गिरवी रखकर वहां से भी गोल्ड लोन लिया गया। इतना ही नहीं, आरोपी की महिला मित्र के नाम से भी बैंक में जमा सोने का उपयोग कर अन्य बैंक में गोल्ड लोन करवाने की बात सामने आई है। पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने अपने अपराध को छिपाने के लिए बैंक में डकैती की साजिश रची थी। डकैती के लिए करीब 20 लाख रुपये एडवांस दिए गए थे, ताकि सोना और डीवीआर गायब दिखाए जा सकें। हालांकि, इससे पहले ही पुलिस ने मामले का खुलासा कर दोनों मुख्य आरोपियों को दबोच लिया।
मुख्य आरोपी अमित जांगिड़ को मथुरा (उत्तर प्रदेश) से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार उसे शेयर बाजार में करीब 2.5 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था और उसने अपने नाम से लगभग 4 करोड़ रुपये का बीमा भी करवा रखा था। जांच में उसके पास अकूत संपत्ति का पता चला है, जिसमें दो महंगी कारें, एक बुलेट बाइक, सीकर के पॉश इलाके में तीन मंजिला निर्माणाधीन मकान, गांव में 100 से अधिक देशी-विदेशी नस्ल की गायों वाला डेयरी फार्म और दो पिकअप वाहन शामिल हैं। वहीं बीसी संतोष सैनी, जिसकी आय सीमित बताई जा रही है, उसके पास भी कई दुकानें, प्लॉट और मकान पाए गए हैं। यह मामला 1 फरवरी 2026 को तब सामने आया, जब पीएनबी नवलगढ़ शाखा के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक मुकेश सिहाग ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। बैंक के गोल्ड सेफ की जांच के दौरान कई पैकेटों से छेड़छाड़ और असली सोने के स्थान पर नकली आभूषण मिलने की पुष्टि हुई। इसके बाद गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस का कहना है कि अन्य संपत्तियों की भी जांच जारी है और इस घोटाले में शामिल अन्य सहयोगियों की तलाश की जा रही है। जल्द ही और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि मामले का पूर्ण खुलासा कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
ग्राहक बड़ी संख्या में पहुंच रहे बैंक
साढ़े छह करोड़ रुपए मूल्य के सोने के जेवरात गायब होने का खुलासा होने के बाद नवलगढ़ क्षेत्र में बड़ी संख्या में ग्राहक बैंक पहुंचे और अपने गिरवी रखे गहनों के बारे में जानकारी मांगी। अब लॉकर धारक और अन्य योजनाओं में ऋण लेने वाले ग्राहक भी गड़बड़ी की आशंका के चलते बैंक में उमड़ रहे हैं। बैंक के एजीएम सुधीर कुमार साहू अपनी टीम के साथ नवलगढ़ में डेरा डाले हुए हैं।
पीड़ित ग्राहकों में से एक बारवा निवासी नरपत सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने सोने पर केवल तीन लाख रुपए का लोन लिया था, लेकिन बैंक रिकॉर्ड में इसे पांच लाख रुपए दर्शाया गया है। नरपत सिंह ने बताया कि वे अपना सोना बैंक लॉकर में रखने आए थे, लेकिन शाखा प्रबंधक ने उन्हें लॉकर के बजाय गोल्ड लोन लेने की सलाह दी। मैनेजर ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि लोन पर उनका सोना पूरी तरह सुरक्षित रहेगा और ब्याज दर भी कम लगेगी। बैंक प्रबंधन की बातों पर विश्वास कर उन्होंने गोल्ड लोन करवा लिया। वे पिछले तीन दिनों से लगातार बैंक के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें न तो उनका सोना दिखाया जा रहा है और न ही कोई संतोषजनक जवाब मिल रहा है। स्थिति को देखते हुए बैंक के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कितने लोगों का सोना चोरी हुआ है और कितने खातों में लोन से संबंधित फजीर्वाड़ा हुआ है।

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