Voice of Gen-Z & Alpha : बंद फैक्ट्रियों से बुझी रोजगार की उम्मीद, युवाओं ने कहा- सरकार आगे आए तो फिर चल सकती हैं मशीनें
उद्योगपतियों के साथ साझेदारी कर पुनर्जीवित करें बंद इकाइयां, स्कूल-कॉलेजों के रिक्त पद भी भरें
कोटा। कभी औद्योगिक नगरी के रूप में पहचान रखने वाला कोटा अब बंद फैक्ट्रियों की खामोशी से जूझ रहा है। एक-एक कर बंद हुई औद्योगिक इकाइयों ने सिर्फ मशीनों की आवाज को नहीं रोका, बल्कि हजारों परिवारों की आजीविका और युवाओं के रोजगार की उम्मीदों पर भी ब्रेक लगा दिया। वर्षों से बंद पड़ी फैक्ट्रियों की मशीनरी जर्जर हो चुकी है और मालिक दोबारा निवेश का जोखिम उठाने की स्थिति में नहीं हैं। ऐसे में 'दैनिक नवज्योति' के 'वॉइस ऑफ जेन जी एन्ड अल्फा' अभियान में युवाओं ने सरकार से बंद उद्योगों को पुनर्जीवित करने के लिए ठोस पहल की मांग की है। युवाओं का कहना है कि सरकार फैक्ट्री मालिकों के साथ साझेदारी कर निवेश का रास्ता निकाले, अलग बजट जारी करे और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करे। साथ ही स्कूल-कॉलेजों में खाली पड़े पदों को भरकर योग्यता के अनुरूप युवाओं को रोजगार दिया जाए।
सरकार फैक्ट्री मालिकों से हाथ मिलाए
फैक्ट्रियां बंद होने के साथ उनकी मशीनरी भी खराब हो चुकी है। ऐसे में फैक्ट्री मालिक अकेले दोबारा इन्हें शुरू कराने का जोखिम नहीं उठा पा रहे हैं। सरकार को आगे आकर फैक्ट्री मालिकों के साथ साझेदारी करनी चाहिए। सरकार और फैक्ट्री मालिक 50-50 प्रतिशत लागत वहन कर बंद फैक्ट्रियों को दोबारा शुरू कराएं। इससे युवाओं को रोजगार मिलेगा और बंद पड़े उद्योगों में फिर से काम शुरू हो सकेगा। इसके साथ ही स्कूल-कॉलेजों में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भी भरा जाना चाहिए।
-दीपिका कुमारी, कॉलेज स्टूडेन्ट
योग्यता के अनुसार मिले रोजगार
बेरोजगारी दूर करने के लिए सरकार को रोजगार कैंप लगाने चाहिए। इन कैंपों में युवाओं के दस्तावेज और शैक्षणिक योग्यता की जानकारी लेकर योग्यता के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराया जाए। बंद पड़ी फैक्ट्रियों को दोबारा शुरू कर कराने के लिए सरकार को फैक्ट्री मालिकों से बातचीत करे। उन्हें उद्योग शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। इससे युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
- प्रांजल पाटिल, कॉलेज स्टूडेन्ट
बंद उद्योगों के लिए अलग बजट हो
बेरोजगारी सबसे बड़ी समस्या है। ऐसे में युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना आवश्यक है। सरकार को कोटा सहित आसपास के क्षेत्र में बंद फैक्ट्रियों को दोबारा चालू कराने के प्रयास करने चाहिए। इसके लिए फैक्ट्री मालिकों से बातचीत के साथ सरकार को अलग से बजट जारी करना चाहिए। इस बजट का उपयोग बंद फैक्ट्रियों को फिर से शुरू कराने में किया जाए, ताकि युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिल सके।
- रोहित मेघवाल, स्टूडेन्ट
फैक्ट्रियां शुरू होंगी तो चेहरों पर लौटेगी मुस्कान
छोटी-बड़ी जितनी भी फैक्ट्रियां बंद पड़ी हैं, उन्हें दोबारा शुरू कराया जाना चाहिए। इससे उत्पादन बढ़ेगा और कोटा का विकास भी होगा। साथ ही पढ़े-लिखे और कम पढ़े-लिखे बेरोजगारों को रोजगार मिल सकेगा। आज हालात यह हैं कि युवक पढ़-लिखकर डिग्रियां तो हासिल कर लेते हैं, लेकिन रोजगार के लिए इधर-उधर भटकते हैं। फैक्ट्रियां फिर शुरू होंगी तो लोगों के चेहरों पर मुस्कान लौटेगी।
- साक्षी मेघवाल, कॉलेज स्टूडेन्ट

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