उम्मीद पर दुनिया कायम है, वरना यूं ही कौन सफर करता है : इंफ्रास्ट्रक्चर, हेल्थ, ट्रांसपोर्टेशन को समर्पित होगा वर्ष-2026, चुनाव होंगे बड़े इवेंट
नई तकनीकों का भी रोजमर्रा के जीवन में उपयोग बढ़ने की संभावना
नया साल-नई आस यह कहावत 2026 के आगमन पर शहर की धड़कनों को बखूबी बयान करती है। बीते वर्षों की अधूरी योजनाओं और अनकही उम्मीदों को पीछे छोड़ शहर एक बार फिर सपनों की दहलीज पर खड़ा है। सड़कों पर दौड़ती गाड़ियां नहीं, बल्कि बेहतर कल की चाहत रफ्तार पकड़ना चाहती है।
उदयपुर। नया साल-नई आस यह कहावत 2026 के आगमन पर शहर की धड़कनों को बखूबी बयान करती है। बीते वर्षों की अधूरी योजनाओं और अनकही उम्मीदों को पीछे छोड़ शहर एक बार फिर सपनों की दहलीज पर खड़ा है। सड़कों पर दौड़ती गाड़ियां नहीं, बल्कि बेहतर कल की चाहत रफ्तार पकड़ना चाहती है। गलियों में सिर्फ आवाजाही नहीं, बल्कि विकास की गूंज सुनाई देना चाहती है। किसी शायर ने भी कहा है उम्मीद पर दुनिया कायम है, वरना यूं ही कौन सफर करता है। 2026 को लेकर शहरवासियों की उम्मीदें भी कुछ ऐसी ही हैं, स्वच्छ हवा, सुचारू यातायात, रोजगार के नए अवसर, सुरक्षित मोहल्ले और ऐसी व्यवस्थाएं जो सिर्फ कागजों में नहीं, जमीन पर नजर आएं। यह साल सिर्फ कैलेंडर बदलने का नहीं, बल्कि शहर की तकदीर बदलने की आस लेकर आया है। देखा जाए तो यह साल चुनावी वर्ष भी है, जब एसआईआर का कार्य पूरा होगा तथा निकाय एवं पंचायत चुनाव होंगे। वहीं, स्थानीय मुद्दों पर बात करें तो इंफ्रास्ट्रक्चर, हेल्थ, ट्रांसपोर्टेशन में बहुत विकास होना है तो दूसरी तरफ नई तकनीकों का भी रोजमर्रा के जीवन में उपयोग बढ़ने की संभावना है।
कहां क्या अपेक्षाएं होंगी पूरी
इंफ्रास्ट्रक्चर : सिटी रेलवे स्टेशन से कलक्टर आवास तक बनाई जा रही एलिवेटेड रोड का कार्य इसी साल पूरा होगा। निगम की तरफ से दिए गए टेंडर की शर्तों की माने तो जनवरी 2027 में उदयपुर में यह प्रोजेक्ट समाप्त करना है। ऐसे में अपेक्षा यह है कि इस साल के अंत तक एलिवेटेड रोड का कार्य पूरा हो जाएगा। इस प्रोजेक्ट से शहर में ट्रेफिक से राहत मिलेगी व कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी। वहीं, नए साल में शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर से संबंधित सबसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पारस फ्लाइओवर का कार्य पूरा होने की अपेक्षा है। यूडीए स्तर पर यह कार्य करवाया जा रहा है। वर्तमान में प्रोजेक्ट का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है। यहां पिलर्स खड़े कर दिए गए हैं, शीघ्र गर्डर डालकर रोड़ बनाने का कार्य किया जाएगा।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य
नए साल से उदयपुर के ग्रामीणों को उनके घर के निकट सभी जांच सुविधाओं का लाभ मिलेगा। इसमें ब्लड की अधिकांश जांचों के अलावा थॉयराइड, हार्मोनल जांचें, विटामिन बी-12 और विटामिन डी जैसी जांचें भी शामिल है। राज्य सरकार ने एक डिजिटल और सेंट्रलाइज्ड सिस्टम विकसित किया है, जिसके तहत जांच अब आईएचएमएस के माध्यम से ओपीडी पर्ची से सीधे लिंक होकर होगी। राज्य सरकार ने इस पूरे नेटवर्क के लिए कृष्णा डायग्नोस्टिक लैब को कॉन्ट्रैक्ट दिया है। कृष्णा लैब द्वारा उदयपुर जिले में अपनी अत्याधुनिक मशीनरी और 51 प्रशिक्षित स्टाफ तैनात किया जा रहा है। उदयपुर में वल्लभनगर, कुराबड, खेरवाडा, झाडोल, कोटडा, भीण्डर, भुवाणा शहर शामिल है। यहां कई तरह की जांचें होगी। सीएमएचओ डॉ. अशोक आदित्य ने बताया कि जो जांचें 7 हब लैब में नहीं होगी वे सभी जांचें मदर लैब भुवाणा में होगी।
ट्रांसपोर्टेशन: कई ट्रेनों के समय में बदलाव
नए साल के साथ उत्तर-पश्चिम रेलवे ने उदयपुर से संचालित कई ट्रेनों के समय में बदलाव किया है। यह परिवर्तन आज से लागू होगा। कुछ ट्रेनों का समय 20 मिनट पहले कर दिया गया है, जबकि कुछ के आगमन और प्रस्थान समय में संशोधन किया गया है। इसमें कोलकाता-उदयपुर एक्सप्रेस (12316)- तड़के 3.10 बजे, कामाख्या-उदयपुर एक्सप्रेस - तड़के 3.45 बजे, जयपुर-उदयपुर एक्सप्रेस (22965) - तड़के 4.30 बजे, इंदौर-असारवा ट्रेन - अब 4.30 बजे उदयपुर पहुंचेगी और 4.40 बजे असारवा के लिए रवाना होगी। उदयपुर-चित्तौड़गढ़ (59609) - शाम 7.30 बजे की बजाय अब 7.00 बजे रवाना होगी तो उदयपुर-खजुराहो एक्सप्रेस - रात 10.10 बजे की जगह अब 9.50 बजे रवाना होगी। इसके अलावा कुछ ट्रेनों को नया ठहराव भी मिला है। इसमें उदयपुर-मैसूर-उदयपुर हमसफर एक्सप्रेस (19667/19668) को मावली स्टेशन पर, खजुराहो-उदयपुर-खजुराहो (19665/19666) को विजयनगर स्टेशन, जयपुर-उदयपुर-जयपुर (09721/09722) को कनकपुरा स्टेशन पर ठहराव होगा।
यहां भी होंगे कई काम
मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय में नए कुलगुरु के चयन होने की अपेक्षा है। बता दें, पूर्व कुलपति प्रो. सुनीता मिश्रा के जाने के बाद वर्तमान में प्रो. बीपी सारस्वत कार्यवाहक कुलगुरु है। इस नए साल में सुविवि को नया कुलगुरु मिलेगा। हालांकि, इसके लिए चयन कमेटी के लिए एक सदस्य का नाम तय कर लिया गया है, जो सारी प्रक्रिया में दोनों तरफ से सहयोग करेंगे।
- नगर निगम ने हालांकि पेपरलेस सेवाएं शुरू कर दी है तथा कई कार्य ऑनलाइन शुरू कर दिए गए है लेकिन इस साल यह पूरी तरह से व्यवस्थित हो जाएंगी। यानी, करीब एक दर्जन से अधिक कार्यों के लिए लोगों को निगम के फेरे नहीं लगाने होंगे। यह व्यवस्था पूर्व में भी बनाई गई थी, लेकिन धरातल पर नहीं आ सकी। इस साल निगम इसे बेहतर तरह से लागू करेगा।

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