पश्चिमी एशिया में जारी संघर्ष के बीच ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी का बडा बयान: अपने सहयोगियों के हितों की रक्षा के लिए उठाएंगे कदम, ईरान के खिलाफ आवश्यक और आनुपातिक रक्षात्मक कार्रवाई के लिए तैयार
ईरानी संकट: ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी का 'रक्षात्मक प्रहार' का संकल्प
पश्चिमी एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ई-3 देशों ने ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं को उनके स्रोत पर ही नष्ट करने की चेतावनी दी है। ब्रिटिश पीएम कीर स्टारमर ने स्पष्ट किया कि वे केवल रक्षात्मक सैन्य कार्रवाई और सहयोगियों की सुरक्षा हेतु प्रतिबद्ध हैं, न कि किसी आक्रामक युद्ध की शुरुआत के लिए।
लंदन। ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने पश्चिमी एशिया में जारी संघर्ष के बीच कहा है कि वे ईरान के खिलाफ आवश्यक और आनुपातिक रक्षात्मक कार्रवाई के लिए तैयार हैं। तीनों देशों की ओर से रविवार को जारी संयुक्त बयान में कहा गया, हम क्षेत्र में अपने और अपने सहयोगियों के हितों की रक्षा के लिए कदम उठाएंगे, जिसमें आवश्यक और आनुपातिक रक्षात्मक कार्रवाई सक्षम करना शामिल हो सकता है, ताकि ईरान की मिसाइल और ड्रोन दागने की क्षमता को उनके स्रोत पर नष्ट किया जा सके।
बयान में आगे कहा गया कि इस मुद्दे पर तीनों देश अमेरिका और क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर काम करेंगे। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने कहा कि ब्रिटेन ने अमेरिकी अनुरोध स्वीकार करते हुए अपने ठिकानों के उपयोग की अनुमति विशिष्ट और सीमित रक्षात्मक उद्देश्य के लिए दी है। स्टारमर ने कहा, खाड़ी क्षेत्र में हमारे साझेदारों ने हमसे उनकी रक्षा के लिए और अधिक करने का आग्रह किया है। समन्वित रक्षात्मक अभियानों के तहत ब्रिटेन के जेट विमान पहले से ही हवा में हैं और उन्होंने ईरानी हमलों को सफलतापूर्वक रोका है।
उन्होंने कहा कि खतरे को रोकने का एकमात्र तरीका मिसाइलों को उनके स्रोत पर नष्ट करना है,चाहे वे भंडारण डिपो में हों या लॉन्चर पर। उन्होंने स्पष्ट किया कि ब्रिटेन ईरान पर प्रारंभिक हमलों में शामिल नहीं था और अब भी किसी आक्रामक सैन्य कार्रवाई में शामिल नहीं होगा।

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