नियमों में संशोधन, निजी स्कूलों के शिक्षक भी करेंगे जनगणना का कार्य

निजी स्कूलों के शिक्षक भी संभालेंगे जनगणना की कमान

नियमों में संशोधन, निजी स्कूलों के शिक्षक भी करेंगे जनगणना का कार्य
अब निजी स्कूलों के शिक्षक भी प्रगणक बनाए जा सकेंगे। केंद्र सरकार ने जनगणना नियम, 1990 में संशोधन कर सहायता प्राप्त और गैर-सहायता प्राप्त निजी स्कूलों के शिक्षकों को नियुक्त करने की अनुमति दी है। नई अधिसूचना से राज्यों को लिपिकों, अधिकारियों और अन्य व्यक्तियों की सेवाएं लेने का विकल्प भी मिलेगा।

नई दिल्ली। देश में जनगणना कार्य के लिए कर्मचारियों की नियुक्ति का दायरा बढ़ा दिया गया है। केंद्र सरकार ने जनगणना नियम, 1990 में संशोधन करते हुए राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को सहायता प्राप्त और गैर-सहायता प्राप्त निजी स्कूलों के शिक्षकों को भी प्रगणक नियुक्त करने की अनुमति दे दी है।

इस संबंध में राजपत्र अधिसूचना जारी की गई है। संशोधित नियमों के तहत जनगणना के लिए शिक्षकों के अलावा लिपिकों, अधिकारियों और अन्य व्यक्तियों की सेवाएं भी ली जा सकेंगी। इस बदलाव के बाद राज्य सरकारों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रशासन को जनगणना कार्य के लिए जरूरत के अनुसार कर्मचारियों की नियुक्ति करने में अधिक विकल्प मिलेंगे। पहले से निर्धारित पात्र श्रेणियों के साथ निजी शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों को शामिल करने से जनगणना संबंधी जिम्मेदारियों के लिए उपलब्ध मानव संसाधन का दायरा बढ़ेगा

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