बरगी बांध क्रू्नर हादसा : मौत से हारी ममता, बेटे को बचाने के लिए अपनी लाइफ जैकेट में सीने से चिपकाया
मां-बेटे के शव को देखकर वहां मौजूद लोग भावुक
बरगी बांध क्रूज हादसे में रेस्क्यू टीम ने मां और बेटे के शव बरामद। अपने बेटे को बचाने के लिए मां ने अपनी ही लाइफ जैकेट में बच्चे को बचाने की कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो पाई ना बेटे की जान बची और ना ही वह खुद ही बच पाई।
जबलपुर। बरगी बांध क्रूज हादसे में रेस्क्यू टीम ने मां और बेटे के शव बरामद किए हैं। अपने बेटे को बचाने के लिए मां ने अपनी ही लाइफ जैकेट में बच्चे को बचाने की कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो पाई ना बेटे की जान बची और ना ही वह खुद ही बच पाई। दोनों ही कू्रज से बाहर नहीं निकल पाए। मां-बेटे के शव को देखकर वहां मौजूद लोग भावुक हो गए।
मृतक संख्या नौ पहुंची, चार लापता, जांच के आदेश
क्रूज हादसे अब तक नौ लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि तीन बच्चों सहित चार लोग लापता बताए जा रहे हैं। हादसे के समय क्रूज में लगभग 43 से 47 पर्यटक सवार थे, जबकि आधिकारिक रूप से केवल 29 यात्रियों के टिकट जारी किए गए थे। घटना के बाद तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया, जिसमें एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने मिलकर अब तक 28 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। हालांकि अंधेरा और खराब मौसम के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में बाधाएं भी आईं।
तेज हवा, सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि कई यात्रियों ने लाइफ जैकेट नहीं पहन रखी थी, जो सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी को दर्शाता है। पर्यटन विभाग के एक अधिकारी के अनुसार यह क्रूज वर्ष 2006 में निर्मित था और इसकी क्षमता लगभग 60 यात्रियों की बताई गई है।
अपनों को लहरों में खोते देखा
इस भयावह हादसे के दौरान कई लोगों ने अपने आंखों के सामने अपनों को लहरों में खोते हुए देखा गया। इस दुर्घटना में बची एक बच्ची ने कहा कि मैंने अपनी मां को डूबते हुए देखा। वहीं] जबलपुर निवासी सैयद रियाज हुसैन का कहना है कि उनकी पत्नी, पोता और भाभी अभी भी लापता हैं। बेटी ने अपने पिता का हाथ पकड़ रखा था, तभी उसने अपनी दादी को डूबते हुए देखा और मां, भाई और दादाजी अफरा-तफरी में खो गए। हादसे में बचे पीड़ित ने पीड़ा और भ्रम से भरी आंखों से कहा कि मेरी मां और भाई लापता हैं, मुझे मेरे दादाजी मिल गए हैं।
मोदी ने जताया गहरा शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए तथा घायलों को 50 हजार रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और स्थिति की समीक्षा के लिए जबलपुर पहुंचने की संभावना जताई गई है।

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