अरे अम्मा, हम जियत हईं! मृत समझकर किया जिसका अंतिम संस्कार, सालों बाद आई सामने और फिर..., जानें पूरा मामला
बेटी को वापस लाने गुजरात रवाना हुए परिजन
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। तीन साल पहले लापता हुई 28 वर्षीय प्रीति को मृत समझकर उसके परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया था। परिवार ने उसकी तेरहवीं भी कर दी, लेकिन गुजरात के वडोदरा स्थित नारी संरक्षण केंद्र से आए फोन ने पूरी कहानी बदल दी। वीडियो कॉल पर प्रीति को जिंदा देखकर परिजन भावुक हो गए। परिवार के लोग उसे लेने के लिए वडोदरा रवाना हो गए हैं।
मामला प्रयागराज के नवाबगंज थाना क्षेत्र के लालगोपालगंज स्थित उमरावगंज गांव का है। यहां के निवासी बनवारी लाल की बेटी प्रीति 13 मई 2023 को घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। उसकी मां कमला देवी ने 16 मई को नवाबगंज थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। काफी तलाश के बावजूद उसका पता नहीं चल सका। इस बीच, 30 सितंबर 2026 को गोरखपुर में चेलुआताल नदी के पास झाड़ियों में एक अज्ञात युवती का क्षत-विक्षत शव मिला। गोरखपुर पुलिस ने गुमशुदगी संबंधी यक्ष एप पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर प्रीति के परिजनों से संपर्क किया और शव की पहचान के लिए बुलाया। कमला देवी, प्रीति का चचेरा भाई जितेंद्र और भाभी अनीता देवी गोरखपुर पहुंचे। उन्होंने हाथ पर बने टैटू, नाक की कील और शरीर पर जले के निशान के आधार पर शव की पहचान प्रीति के रूप में की। पुलिस ने डीएनए नमूना लेने और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। परिवार ने चार अक्टूबर को गांव में उसका अंतिम संस्कार कर दिया।
परिवार अभी इस सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि 26 अक्टूबर को नवाबगंज थाने की पुलिस बनवारी लाल के घर पहुंची। पुलिस ने बताया कि गुजरात के वडोदरा स्थित नारी संरक्षण केंद्र से संपर्क किया गया है, जहां से परिवार से बात करने की इच्छा जताई गई है। इसके बाद केंद्र की काउंसलर तृप्ति पांड्या ने वीडियो कॉल कर बताया कि प्रीति उनके संरक्षण केंद्र में सुरक्षित है। वीडियो कॉल पर प्रीति ने अपने पिता बनवारी लाल, मां कमला देवी, भाई जितेंद्र और भाभी अनीता देवी से अलग-अलग बात की। उसने सभी को नाम से पहचाना और पुरानी बातें याद दिलाईं। बेटी को जिंदा देखकर परिवार के सदस्यों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। मां से बात करते हुए प्रीति ने कहा, अरे अम्मा, हम जियत हईं... शुरुआत में परिवार को वीडियो कॉल पर दिखाई दे रही प्रीति की पहचान को लेकर संदेह हुआ, लेकिन उसकी बातचीत और पुरानी यादों ने उन्हें आश्वस्त किया।
ग्रामीणों के अनुसार, काउंसलर तृप्ति पांड्या ने बताया कि प्रीति पांच अगस्त 2023 को वडोदरा रेलवे स्टेशन पर गहरे अवसाद की स्थिति में मिली थी। उस समय वह कुछ भी बता पाने की हालत में नहीं थी। तभी से संरक्षण केंद्र में उसकी देखभाल की जा रही थी। पिछले कुछ दिनों से वह लगातार लालगोपालगंज के उमरावगंज जाने की बात कह रही थी। उससे मिली जानकारी के आधार पर गूगल मैप पर जगह तलाशने के दौरान लालगोपालगंज का नाम सामने आया, जिसे प्रीति ने अपने गांव का बाजार बताया।
इसके बाद संरक्षण केंद्र ने नवाबगंज थाने का नंबर हासिल कर पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने प्रीति के परिजनों से बात कराई। एसीपी सोरांव श्यामजीत प्रमिला ने बताया कि एनजीओ के माध्यम से युवती के वडोदरा में सुरक्षित होने की सूचना मिली थी। तत्काल उसके परिजनों को जानकारी देकर वीडियो कॉल पर बातचीत कराई गई। परिवार के लोग बेटी को लेने वडोदरा गए हैं और पुलिस उनकी हरसंभव मदद कर रही है।

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