FCRA संशोधन बिल पर मायावती का वार : सरकार और विपक्ष ने किया राजनीतिकरण, बोलीं- जनहित पीछे, राजनीति आगे

आपाधापी में संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को भेजा

FCRA संशोधन बिल पर मायावती का वार : सरकार और विपक्ष ने किया राजनीतिकरण, बोलीं- जनहित पीछे, राजनीति आगे
बसपा प्रमुख मायावती ने FCRA संशोधन विधेयक पर सरकार और विपक्ष दोनों पर राजनीतिकरण का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को संसद चलने देकर विधेयक की खामियां उजागर करनी चाहिए थीं। मायावती ने अयोध्या राममंदिर चढ़ावे में कथित गड़बड़ी समेत जनहित के मुद्दे संसद में उठाने की मांग की और कहा कि बसपा जनहित व अंबेडकरवादी विचारधारा के साथ है।

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) संशोधन विधेयक को लेकर सरकार और विपक्ष दोनों पर राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है। उन्होंने गुरुवार को एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा, बेहतर होता यदि विपक्ष इस विधेयक को रोकने के बजाय संसद को चलने देता और इसकी कमियों को उजागर करता, लेकिन उसने संसद को अपनी जिद के हिसाब से नहीं चलने दिया। मायावती ने कहा, एफसीआरए संशोधन विधेयक को सरकार अति-महत्वपूर्ण बताकर अन्य विधेयकों की तरह ही तत्काल पारित कराना चाहती थी, लेकिन विपक्ष के जबरदस्त विरोध के चलते संसद में इस पर बिना प्रारंभिक चर्चा के ही इसे कल काफी आपाधापी में संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को भेज दिया गया।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और उसके सहयोगी दल इस विधेयक को विपक्ष पर असंसदीय तरीके से थोपे जाने का आरोप लगाकर इसे वापस लेने की मांग कर रहे हैं। मायावती ने कहा कि सरकार विदेश फंङ्क्षडग के उपयोग में भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में कठोर बदलाव करना चाहती है। इससे स्पष्ट है कि इस विधेयक का सत्ता और विपक्ष दोनों ने राजनीतिकरण ज्यादा कर दिया है। बसपा अध्यक्ष ने कहा कि विपक्ष को चाहिए था कि वह विधेयक को सदन में रहने देता और उसकी कमियों को उजागर करता तथा उस पर चर्चा कराता, लेकिन उसने संसद को अपनी जिद के हिसाब से नहीं चलने दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे अनेक विधेयक भी हैं, जिन्हें विपक्ष द्वारा संसद को नहीं चलने देने के कारण सरकार ने चंद मिनटों में पारित कर दिया, जबकि विपक्ष ने उन्हें रोकने की कोशिश नहीं की। इससे विपक्ष की प्राथमिकता और उसके रवैये पर सवाल उठते हैं।

मायावती ने कहा कि विपक्ष को देश में जनजीवन से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान हालात में जनता की समस्याओं से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देते हुए उन्हें जनहित के अन्य विषयों के साथ उठाना जरूरी है। उन्होंने अयोध्या में राममंदिर के चढ़ावे में गड़बड़ी यानी भ्रष्टाचार के मुद्दे को भी संसद में उठाए जाने की जरूरत बताई। मायावती ने कहा कि विपक्ष को अपनी राजनीतिक स्वार्थ सिद्धि से ऊपर उठकर इस मुद्दे पर भी संसद में चर्चा करानी चाहिए, क्योंकि यह विषय बहुत महत्वपूर्ण है।

बसपा अध्यक्ष ने कहा कि देश की जनता, सत्ता और विपक्ष के बीच इस समय संसद सत्र के दौरान भी चल रही राजनीतिक स्वार्थ की लड़ाई से पूरी तरह सचेत रहते हुए उनकी पार्टी अपनी एकमात्र अंबेडकरवादी विचारधारा तथा'सर्वजन हिताय सर्वजन सुखायÓकी नीतियों सिद्धांतों के आधार पर पूरी ईमानदारी से देश जनहित में जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इसी समय समाज के हित में भी है।

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