पीएम मोदी ने की विशाख रिफाइनरी में आरयूएफ की शुरुआत, ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम
पीएम मोदी ने ऊर्जा सुरक्षा हेतु RUF राष्ट्र को किया समर्पित
प्रधानमंत्री मोदी ने विशाख रिफाइनरी में एचपीसीएल की 'रेसिड्यू अपग्रेडेशन फैसिलिटी' का उद्घाटन किया। यह अत्याधुनिक तकनीक कच्चे तेल के बेहतर इस्तेमाल और भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मजबूत करने में सहायक होगी।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विशाख रिफाइनरी में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) की रेसिड्यू अपग्रेडेशन फैसिलिटी (आरयूएफ) के लोकार्पण को भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और इस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी की एक पोस्ट के जवाब में पीएम मोदी ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा, यह अत्याधुनिक सुविधा ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा देने और इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की हमारी कोशिशों को गति देती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने आयात पर निर्भरता घटाने और घरेलू रिफानिंग क्षमताओं को बढ़ाने की सरकारी प्राथमिकता पर जोर दिया। हरदीप सिंह पुरी ने इस योजना को भारत की ऊर्जा यात्रा में एक मील का पत्थर बताया। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा था, विशाख रिफाइनरी में एचपीसीएल की रेसिड्यू अपग्रेडेशन फैसिलिटी के सफलतापूर्वक शुरू होने के साथ ही भारत की ऊर्जा सुरक्षा हासिल करने की यात्रा एक अहम पड़ाव पर पहुंच गयी है।
रेसिड्यू अपग्रेडेशन फैसिलिटी को कम कीमत वाले भारी रेसिड्यू को ज्यादा कीमत वाले पेट्रोलियम उत्पादों में प्रसंस्करण करने के लिए डिजाइन किया गया है। इससे रिफाइनरी की क्षमता और उत्पाद बेहतर होंगे। अधिकारियों ने कहा कि यह परियोजना एचपीसीएल को भारी ग्रेड समेत कच्चे तेल का सही इस्तेमाल करते हुए साफ-सुथरे ईंधनों का अधिकतम उत्पादन करने में सक्षम बनायेगी।
एचपीसीएल की प्रमुख रिफाइनिंग संपत्तियों में से एक विशाख रिफाइनरी देश के पूर्वी और दक्षिणी क्षेत्रों में ईंधन की मांग को पूरा करने में अहम भूमिका निभाती है। आरयूएफ की शुरुआत भारत की उस विशेष रणनीति के अनुरूप है, जिसके तहत बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और सख्त पर्यावरणीय मानकों का पालन करने के लिए रिफाइंनिंग बुनियादी ढांचे का विस्तार और आधुनिकीकरण किया जा रहा है।
सरकार ने लगातार उन्नत रिफाइनिंग तकनीकों में निवेश पर जोर दिया है। इसे आत्मनिर्भर भारत के हिस्से के रूप में देखा जाता है, जिसमें आर्थिक विकास, रणनीतिक स्वायत्तता और दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा मुख्य माने जाते हैं।

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