चारों पोल पर हुई लक्स लेवल की टेस्टिंग : डेडलाइन 15 अप्रैल, एक दिन पहले ही रोशनी से जगमगा उठा एसएमएस स्टेडियम
एसीएस प्रवीण गुप्ता ने किया निरीक्षण
सवाई मानसिंह स्टेडियम में आईपीएल से पहले नई एलईडी फ्लडलाइट्स लगी। 20 साल पुरानी लाइटों की जगह आधुनिक सिस्टम लगाकर 3500 लक्स रोशनी सुनिश्चित। पीडब्ल्यूडी ने तय समय से पहले काम पूरा कर सफल टेस्टिंग की। 25 अप्रैल से यहां आईपीएल के चार मैच खेले जाएंगे।
जयपुर। सवाई मानसिंह स्टेडियम मंगलवार रात नई एलईडी फ्लडलाइट्स की चमक से जगमगा उठा। आईपीएल मुकाबलों की तैयारियों के तहत इस बार करीब 20 साल पुरानी हेलोजन लाइटों को हटाकर आधुनिक एलईडी लाइट्स लगाने का लक्ष्य तय किया गया था। हालांकि काम को 15 अप्रैल तक पूरा करने की डेडलाइन थी, लेकिन सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की टीम ने एसीएस प्रवीण गुप्ता के नेतृत्व में इसे दो दिन पहले ही पूरा कर लिया। न केवल लाइटें समय से पहले स्थापित कर दी गईं, बल्कि मंगलवार रात चारों पोल पर लक्स लेवल की सफल टेस्टिंग भी पूरी कर ली गई। इस दौरान प्रवीण गुप्ता स्वयं स्टेडियम में मौजूद रहे और पूरी प्रक्रिया का निरीक्षण किया। जयपुर में इस सीजन आईपीएल के चार मैच होंगे और पहला 25 अप्रैल को खेला जाना है।
ऐसे हुई लक्स टेस्टिंग :
रोशनी की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए पूरे मैदान को रस्सियों से चौकोर हिस्सों में बांटा गया। प्रत्येक बॉक्स पर पड़ने वाली रोशनी को मापा गया और आवश्यकता के अनुसार फ्लडलाइट्स का एंगल और फोकस सेट किया गया। इस वैज्ञानिक प्रक्रिया के जरिए चारों पोल की लाइटों को संतुलित और समान रोशनी देने के लिए एडजस्ट किया गया।
कहां-कितनी रोशनी जरूरी ?
पीडब्ल्यूडी टीम के एक अधिकारी के अनुसार अंतरराष्ट्रीय मानकों के तहत अलग-अलग क्षेत्रों में अलग लक्स लेवल आवश्यक होता है। विकेट पर 3500 लक्स, इनर सर्कल में 2500 लक्स और आउटफील्ड में 2000 लक्स रोशनी पर्याप्त मानी जाती है। इसी मानक के अनुसार पूरे मैदान में रोशनी का स्तर सुनिश्चित किया गया।
1300 लक्स की बढ़ोतरी :
पहले स्टेडियम में लगभग 2200 लक्स रोशनी उपलब्ध थी, जिसे अब बढ़ाकर 3500 लक्स तक पहुंचा दिया गया है। नई एलईडी लाइट्स से न सिर्फ खिलाड़ियों को बेहतर विजिबिलिटी मिलेगी, बल्कि मैचों के प्रसारण की गुणवत्ता भी पहले से कहीं बेहतर होगी।

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