संजय राउत का दावा: NCP में चल रही अंदरूनी कलह, पार्टी का अस्तित्व खतरे में, भाजपा में विलय की संभावना ?
महाराष्ट्र में सियासी भूचाल
मुंबई। महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना के राज्यसभा सांसद और मुख्य प्रवक्ता संजय राउत ने आज संकेत दिया कि राज्य की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजीत पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी का अस्तित्व समाप्त हो सकता है या भाजपा में विलय हो सकता है। संजय राउत ने सुनेत्रा अजीत पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी में चल रही अंदरूनी कलह की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “अजीत पवार द्वारा बनाई गई यह पार्टी भविष्य में अस्तित्व में नहीं रहेगी। अब छगन भुजबल, प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे, हसन मुश्रीफ और धनंजय मुंडे की चौकड़ी को अपने फैसलों पर पछतावा हो सकता है। शरद पवार से अलग करके अजीत पवार को भाजपा से जोड़ने के अपने फैसले पर उन्हें पछतावा हो सकता है।”
खबरों के मुताबिक, मंगलवार को हुई पार्टी की बैठक में सुनेत्रा अजीत पवार के नेता सुनील तटकरे और छगन भुजबल के बीच तीखी बहस हुई। यह भी बताया गया कि सुनेत्रा पवार के बेटे और पार्टी सांसद पार्थ पवार तथा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल के बीच भी तीखी नोकझोक हुई। पार्थ पवार और मंत्री भुजबल के बीच विवाद तब शुरू हुआ जब पार्थ पवार ने कथित तौर पर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा जारी राज्य स्तरीय परिवहन निविदा के संबंध में एक ठेकेदार को भुजबल के पास भेजा, लेकिन भुजबल ने पार्थ पवार की बात अनसुनी करते हुए ठेकेदार को तुरंत वापस भेज दिया।
अंततः, इस घटनाक्रम के चलते पार्थ पवार और मंत्री भुजबल के बीच तीखी बहस हो गई। भुजबल ने पार्थ पवार से नाराज़गी जताते हुए कहा, “आपके पिता या दादाजी ने भी मुझसे कभी इस तरह की बात नहीं कही।” खबरों के मुताबिक, पार्थ पवार ने भुजबल को जवाब देते हुए कहा, “अगर ऐसा है, तो मुझे आपको आपके विभाग से हटाना पड़ेगा।”
भुजबल ने कहा, “अनुबंध अदालत में अटका हुआ है। मंत्रिमंडल ने इसे मंज़ूरी दे दी है। अनुबंध देने की ऑनलाइन प्रक्रिया है। जो लोग उस प्रक्रिया के माध्यम से योग्य होते हैं, उन्हें अनुबंध दिए जाते हैं। किसी को यूं ही अनुबंध कैसे दिया जा सकता है? हम दोनों के बीच कोई विवाद नहीं था। कुछ काम आपसी समझ से करने पड़ते हैं। फिलहाल, निविदा दस्तावेजों की जांच और अंतिम प्रक्रिया अतिरिक्त मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली राज्य स्तरीय समिति द्वारा की जा रही है, और किसी भी परिवहनकर्ता को कोई कार्य आदेश नहीं दिया गया है।”
हालांकि, पार्थ पवार ने इस बात से इनकार किया है कि उनके और छगन भुजबल के बीच कुछ भी हुआ है। पार्थ पवार ने मीडियाकर्मियों से कहा, “हमारे बारे में, खासकर मेरे बारे में, जानबूझकर गलत खबरें फैलाई जा रही हैं। ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है। मैंने किसी भी सरकारी काम में दखल नहीं दिया है।”

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