रूस पर प्रतिबंधों से पीछे हटे ट्रंप, आखिर किस बात का डर?
यूक्रेन युद्ध में बड़ा ट्विस्ट
वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि यूक्रेन संघर्ष को लेकर चल रही नाजुक बातचीत के बीच अमेरिका रूस के खिलाफ नए प्रतिबंध लगाने या तनाव बढ़ाने वाले अन्य कदम उठाने से बचने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि दोनों पक्ष अब एक समझौते के काफी करीब हैं, जितना कि वे पहले कभी नहीं थे। ट्रंप ने कहा, जब आप किसी समझौते के करीब होते हैं और बातचीत बहुत नाजुक दौर में होती है, तो आप प्रतिबंध नहीं लगाते हैं। राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि उन्होंने रूस के खिलाफ और अधिक सख्त कदम उठाने की मांगों को इसलिए नहीं माना, क्योंकि वे बातचीत की प्रक्रिया में कोई बाधा नहीं डालना चाहते थे या अमेरिकी नागरिक स्टीफन हबर्ड की रिहाई को खतरे में नहीं डालना चाहते थे।
ट्रम्प ने कहा, अगर हम वही करते जो ये मूर्ख लोग मुझसे करने के लिए कह रहे थे, तो वह अभी बाहर नहीं आ पाते। उन्हें वहां 20 साल और रहना पड़ता। मैं बिल्कुल नहीं चाहता कि कोई ऐसी गड़बड़ी हो जिससे बनी-बनाई बात बिगड़ जाए, खासकर तब जब हम एक युद्ध को सुलझाने के इतने करीब हैं। अमेरिकी नागरिक हबर्ड को पहले रूस में दोषी ठहराया गया था, क्योंकि वह यूक्रेनी सैनिकों में शामिल हो गए थे और रूसी सेना के खिलाफ लड़े थे। बाद में, अमेरिकी पक्ष के बार-बार अनुरोध करने पर राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मानवीय आधार पर उनकी रिहाई को मंजूरी दे दी थी।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यूक्रेन को प्रभावित करने वाले स्टारलिंक और स्टारशील्ड पर हाल ही में लगाए गए प्रतिबंधों में अपनी किसी भी भूमिका से इनकार किया। जब उनसे पूछा गया कि ये प्रतिबंध लगाने का आदेश किसने दिया, तो उन्होंने कहा, इसमें मेरा कोई हाथ नहीं था। इन प्रतिबंधों के कारण यूक्रेन के ड्रोन अभियानों में बाधा आई और कुछ मिशनों को रद्द करना पड़ा। इसके बाद ट्रम्प से पूछा गया कि क्या ये प्रतिबंध एलन मस्क के आदेश पर लगाए गए थे। उन्होंने जवाब दिया, मुझे नहीं पता कि यह किसने किया, लेकिन इसमें मेरा कोई हाथ नहीं था।

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