कोटा में किडनी फेल होने से एक प्रसूता की मौत, दूसरी आईसीयू में

परिजनों का आरोप: इंजेक्शन लगाने के बाद बिगड़ी थी तबीयत

कोटा में किडनी फेल होने से एक प्रसूता की मौत, दूसरी आईसीयू में
पांच प्रसूताओं की मौत और छह प्रसूताओं के किडनी फैल होने के मामले अभी ठंडे नहीं पड़े हैं। किसी की कोई जिम्मेदारी तक तय नहीं हो पाई है। इस बीच शुक्रवार रात कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद एक प्रसूता की मौत हो गई।

कोटा। पांच प्रसूताओं की मौत और छह प्रसूताओं के किडनी फैल होने के मामले अभी ठंडे नहीं पड़े हैं। किसी की कोई जिम्मेदारी तक तय नहीं हो पाई है। इस बीच शुक्रवार रात कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद एक प्रसूता की मौत हो गई। 14 अक्टूबर को ही उसका आॅपरेशन हुआ था। इसके कुछ घंटे बाद से ही उसकी तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई थी। यूरिन आउटपुट भी बहुत कम हो गया था। परिजनों ने इंजेक्शन देने के बाद हालत क्रिटिकल होने और किडनी फेल से मौत होने का आरोप लगाया है। जानकारी के अनुसार, छावनी स्थित मीनार मस्जिद के पास निवासी रेशमा (40) पत्नी मसूद खान की बुधवार को गायनी विभाग में सीजेरियन डिलीवरी हुई थी। शुरूआती कुछ घंटों स्थिति सामान्य रही, लेकिन इसके बाद अचानक उसकी तबीयत खराब होने लगी। हालत बिगड़ती देख परिजन उसे तुरंत निजी अस्पताल ले गए, लेकिन वहां भी हालत खराब होने के बाद अस्पताल वालों ने सरकारी हॉस्पिटल ले जाने को कहा। इसके बाद उसे फिर शुक्रवार शाम को मेडिकल कॉलेज लाया गया। यहां सुपरस्पेशलिटी के नेफ्रोलॉजी आईसीयू में भर्ती किया गया था। जहां रात को उसकी मौत हो गई।

रेशमा का तीन बार हो चुका सिजेरियन :

अस्पताल अधीक्षक डॉ. आशुतोष शर्मा ने बताया कि रेशमा (40) को 13 अक्टूबर को 36 सप्ताह की प्रेग्नेंसी और पेट दर्द की शिकायत पर भर्ती कराया था। गर्भ में एमनियोटिक द्रव की अधिकता के साथ उनके पहले भी तीन बार सिजेरियन प्रसव हो चुके थे। वहीं, पुराने ऑपरेशन के निशान (टांकों) पर होने पर अगले दिन 14 अक्टूबर को सुबह आपातकालीन सिजेरियन किया गया। सुबह 8:41 बजे जीवित शिशु का जन्म हुआ था।

दूसरी प्रसूता की प्लेटलेट्स घटकर रह गई 21 हजार :

Read More राम बारात मार्ग पर महापौर ने खुद थामी झाड़ू, कचरा गाड़ी भी चलाई

इधर, सुल्तानपुर निवासी अनीता (30 साल) भी नेफ्रोलॉजी आईसीयू में भर्ती है। उसे 14 अक्टूबर को हाई ब्लड प्रेशर और ब्रीच प्रेजेंटेशन (बच्चे का उल्टा होना) की स्थिति में भर्ती कराया गया था। दोपहर आपातकालीन सिजेरियन किया गया। अगले दिन 15 अक्टूबर की सुबह महिला को सांस फूलने, यूरिन में खून आने और पल्स रेट बढ़ने की शिकायत हुई। जांच में सामने आया कि महिला की प्लेटलेट्स गिरकर महज 21,000 रह गई। डॉक्टरों के अनुसार, हेलप सिंड्रोम और थ्रोम्बोटिक माइक्रोएंजियोपैथी का मामला है, जिससे किडनी भी प्रभावित हुई है।

Read More पिता की आंखों के सामने जमीन में समा गया 9 साल का बेटा, 640 फीट नीचे जिंदगी की जंग

पहले 5 प्रसूताओं की हो चुकी मौत :

Read More 1.77 लाख से अधिक आवासीय सम्पत्तियों का हुआ सर्वे

मेडिकल कॉलेज अस्पताल में रेशमा सहित अब तक 6 प्रसूताओं की मौत हो चुकी है। इससे पहले गत 5 मई को सीजेरियन के बाद 12 प्रसूताओं की किडनी फेल हो गई थी। जिसके बाद पांच प्रसूताएं पायल, ज्योति, पिंकी, प्रिया और शिरीन की मौत हो गई थी। वहीं, रागिनी, धन्नी, सुशीला, चंद्रकला, किरण, पिंकी और आरती को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई थी।

Post Comment

Comment List

Latest News

भाजपा के चर्चित चुनावी चेहरे : पूर्व विधायक-जिलाध्यक्ष से लेकर विधायक की मां भी उम्मीदवार, मंत्री खर्रा को घर से चुनौती भाजपा के चर्चित चुनावी चेहरे : पूर्व विधायक-जिलाध्यक्ष से लेकर विधायक की मां भी उम्मीदवार, मंत्री खर्रा को घर से चुनौती
पंचायत चुनाव में भाजपा ने पूर्व विधायकों, जिलाध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं के परिजनों को टिकट दिए। दौसा में विधायक विक्रम...
विदेश से आए, सांभर झील में घर बसाया… अब पहली बार घोंसलों से निकले फ्लेमिंगो के बच्चे
विदेश भेजने और नौकरी दिलाने का झांसा देकर बुलाते, फिर मारपीट कर लूटते थे, 5 आरोपी दबोचे
कश्मीर में तड़के LOC पर हलचल : फिर गूंजने लगीं गोलियां, घुसपैठ की कोशिश नाकाम
ट्रंप का यू-टर्न! भारत पर 100% टैरिफ का खतरा टला, लेकिन कब तक?
कांग्रेस ने जिला परिषद, पंचायत समिति सदस्यों की सूची जारी की, पढ़े पूरी खबर 
भारतीयों को मारने का 2 साल से बना रहा था खूनी खेल! अमेरिकी हिंदू मंदिर क्यों था निशाने पर?