पुतिन-ट्रंप की बातचीत के परिणामों ने युद्ध-समर्थक खेमे में कई लोगों को चौंकाया, रयाबकोव ने कहा- हमने हमेशा राजनीतिक समाधान पर दिया जोर
राष्ट्रपतियों के बीच बातचीत का बिल्कुल अनोखा नतीजा निकला
मास्को। रूसी उप-विदेश मंत्री सर्गेई रयाबकोव ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फ़ोन पर हुई बातचीत के परिणामों ने तनाव बढ़ाने की पैरवी करने वालों को चौंका दिया है और डीजल ईंधन पर समझौता उन्हें होश में लाने का काम कर रहा है। रियाबकोव ने मंगलवार को पत्रकारों से कहा, बेशक, राष्ट्रपतियों के बीच टेलीफोन पर हुई बातचीत का बिल्कुल अनोखा नतीजा निकला, जो युद्ध चाहने वाले खेमे के कई लोगों के लिए चौंकाने वाला था और ऐसे लोगों की संख्या बहुत है। हमने हमेशा राजनीतिक समाधान की पैरवी की है और आगे भी करते रहेंगे। अगर दूसरी तरफ के लोग इसके लिए तैयार नहीं हैं तो उनके लक्ष्य सैन्य तरीकों से प्राप्त किए जाएंगे और इससे बातचीत में उनकी स्थिति कमजोर होगी। उन्हें जितनी जल्दी यह बात समझ में आ जाए उतना ही अच्छा है।
रयाबकोव ने कहा कि रूस यूक्रेन के मामले में अमेरिका के साथ संपर्क बनाए हुए है लेकिन जानकारी लीक नहीं होने देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि साल खत्म होने से पहले रूस और अमेरिका के बीच मतभेदों के मुद्दों पर एक नई बैठक हो सकती है। राजनयिक ने कहा कि मास्को और वॉशिंगटन की अपनी-अपनी दिशाएं हैं जिनमें वे आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि ऐसी बैठकें बेकार नहीं होतीं और रूस के पास पेश करने के लिए बहुत कुछ है। रयाबकोव ने कहा कि अमेरिका-रूस की त्रिपक्षीय बैठक को लेकर कोई ठोस समझौता नहीं हुआ है और यूक्रेन पर दबाव डाले बिना कोई प्रगति नहीं होगी।
रयाबकोव ने पत्रकारों से कहा, मेरी समझ से, इस मामले पर कोई पक्का समझौता नहीं हुआ है। संभावनाएं बढ़ेंगी या नहीं, यह सबसे पहले उन लोगों के रुख पर निर्भर करता है जिनका यूक्रेन पर प्रभाव है। कीव पर पर्याप्त दबाव डाले बिना कोई प्रगति नहीं होगी। रयाबकोव ने कहा कि बेल्जियम को समझ नहीं आ रहा कि और क्या किया जाए इसलिए रूस के खिलाफ नए प्रतिबंधों की योजनाएं पूरी तरह से आम यूरोपीय लोगों को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं।
रयाबकोव ने पत्रकारों से कहा, नया पैकेज, पुराना पैकेज। ये पैकेज समाधान तो खुद को ही नकार रहे हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा कि अब क्या पेश करें। ऐसे कदम आम यूरोपीय लोगों के लिए बनाए गए हैं। रूसी उप-विदेश मंत्री ने इस बात पर बल दिया कि रूस ने प्रतिबंधों के बीच काम करना बहुत पहले ही सीख लिया है।

Comment List