झूठों का झुंड से भंग कर दो तक : कठघरे में यूपी पुलिस, कांग्रेस ने कहा- कोर्ट की टिप्पणियों से पुलिस का चेहरा बेनकाब
पुलिस की कार्यशैली को लेकर बेहद सख्त टिप्पणियां
नई दिल्ली। कांग्रेस ने कहा है कि उच्चतम न्यायालय और इलाहाबाद उच्च न्यायालय की सख्त टिप्पणियों से उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यशैली की हकीकत सामने आ गयी है और उसकी जांच तथा हिरासत में लोगों के साथ व्यवहार को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने गुरुवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उच्चतम न्यायालय और इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यशैली को लेकर बेहद सख्त टिप्पणियां की हैं। न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा की पीठ ने आपराधिक मामलों की जांच में पुलिस की कार्यशैली पर कड़ी नाराजगी जाहिर की और यहां तक कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस को भंग कर देना चाहिए।
गौतम ने कहा कि जनता ने मोटरसाइकिल सवार एक अपराधी को पकड़कर उत्तर प्रदेश पुलिस के हवाले किया, लेकिन पुलिस ने डायरी में उसे 'अज्ञात' लिख दिया। मामला अदालत में पहुंचने पर सीसीटीवी फुटेज मांगी गयी, तो जवाब दिया गया कि कैमरे बंद हैं, जबकि भुगतान होने के बाद भी कई इलाकों में सीसीटीवी नहीं लगाये गये। उन्होंने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस को 'झूठों का झुंड' तक कह दिया और इस मामले में थाना प्रभारी पर जुर्माना लगाते हुए टिप्पणी की कि क्या हर मामले में जांच क्राइम ब्रांच या केन्द्रीय जांच ब्यूरो को देनी पड़ेगी। कांग्रेस नेता ने कहा कि सत्ता के इशारे पर उत्तर प्रदेश पुलिस दलितों, पिछड़े और अति पिछड़े वर्ग के लोगों का दमन कर रही है। उन्होंने उन्नाव में दुष्कर्म पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में पिटाई से मौत, आगरा में दलित सफाई कर्मचारी अरुण वाल्मीकि, लखीमपुर खीरी में दलित आसाराम और लखनऊ में दलित युवक अमन गौतम की हिरासत में मौत सहित कई मामलों का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि आजमगढ़ में दलित युवक सन्नी कुमार, गोंडा में संजय कुमार सोनकर और बलिया में दलित मजदूर कमजी गोंड की भी पुलिस हिरासत में मौत हुई, जबकि प्रयागराज में दलित किसान देवी शंकर की हत्या हुई। उन्होंने कहा कि भाजपा शासन में अपराधियों और सत्ता के बीच का गठजोड़ दलितों, पीड़तिों और शोषितों के खिलाफ तथा रसूखदारों के लिए काम करता है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में औसतन हर दिन नौ हत्याएं, हत्या के प्रयास के 10 मामले, दुष्कर्म के नौ मामले, 33 अपहरण और करीब 235 हिंसक अपराध हो रहे हैं।
गौतम ने कहा कि उत्तर प्रदेश की गंगा-जमुनी तहजीब को योगी सरकार ने बर्बाद कर दिया है। कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बताना चाहा कि मतदाताओं के नाम काटकर गलत किया जा रहा है, लेकिन उनकी समस्या का समाधान करने की बजाय उनका पुलिस से दमन कराया जा रहा है। कानून का दुरुपयोग कर उन्हें सताया जा रहा है। कांग्रेस आदिवासियों और दलितों के खिलाफ होने वाले अत्याचार के खिलाफ लड़ती रहेगी। उनका कहना था कि मुख्य चुनाव आयुक्त को पद पर रहते हुए और बाद में उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा सकती तथा उन्हें आजीवन कानूनी सुरक्षा दी गयी है।अभिनव.श्रवण

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