पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पुणे में प्रवासी मजदूर की हत्या पर जताया विरोध, हेट क्राइम करार देते हुए दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की

घटना को हेट क्राइम बताकर कड़ी कार्रवाई की मांग

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पुणे में प्रवासी मजदूर की हत्या पर जताया विरोध, हेट क्राइम करार देते हुए दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की

कोलकाता में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पुणे में पुरुलिया के मजदूर सुखेन महतो की हत्या पर दुख जताया। दोषियों की गिरफ्तारी और प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने महाराष्ट्र के पुणे में काम करने वाले पुरुलिया के मजदूर सुखेन महतो की हत्या पर गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को हेट क्राइम करार देते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की है।

मुख्यमंत्री ममता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक कड़े संदेश में कहा है कि वह परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य महतो की हत्या से स्तब्ध, क्रोधित और व्यथित हैं। सीएम बनर्जी ने पीड़ित को उसकी भाषा और पहचान के कारण निशाना बनाए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रवासी श्रमिकों पर होने वाले ऐसे हमले बाहरी लोगों के प्रति द्वेष के बढ़ते माहौल के कारण है।

मुख्यमंत्री ने लिखा, यह किसी हेट क्राइम से कम नहीं है। एक युवक को उसकी भाषा, उसकी पहचान और उसकी जड़ों के कारण प्रतड़ित कर मार डाला गया। यह उस माहौल का सीधा परिणाम है जहाँ बाहरी लोगों के प्रति नफरत को हथियार बनाया जाता है और निर्दोषों को निशाना बनाया जाता है। उन्होंने कहा कि बंगाल शोक संतप्त परिवार के साथ खड़ा है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पुरुलिया जिले के तुमरासोल गाँव के निवासी महतो पुणे में एक ऑटो पार्टस फैक्ट्री में कार्यरत थे। वह नौ फरवरी को काम पर निकलने के बाद लापता हो गए थे और अगले दिन उनका शव बरामद हुआ था। तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि महतो की हत्या की गई है। शव मिलने के बाद जिले के पार्टी नेताओं ने पुरुलिया में उनके परिवार से मुलाकात की।

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इस घटना ने एक बार फिर पश्चिम बंगाल के प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। पिछले कुछ हफ्तों में, देश के अन्य हिस्सों में राज्य के प्रवासी मजदूरों की अस्वाभाविक मौत की खबरों ने राजनीतिक प्रतिक्रियाओं और परिवारों के बीच चिंता को बढ़ा दिया है।इससे पहले, मालदा जिले के हरिश्चंद्रपुर के एक प्रवासी मजदूर का शव चेन्नई में रेलवे ट्रैक के पास मिला था। परिवार ने आरोप लगाया था कि उसे चलती ट्रेन से धक्का दिया गया है, जिससे उसकी मौत की परिस्थितियों पर राजनीतिक विवाद छिड़ गया था। एक अन्य मामले में, दक्षिण 24 परगना के उस्ती के एक श्रमिक का शव आंध्र प्रदेश की एक कपड़ा फैक्ट्री से बरामद किया गया था।

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इसके अलावा, पिछले महीने झारखंड में पश्चिम बंगाल के एक श्रमिक की कथित हत्या के कारण मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में अशांति फैल गई थी। हालांकि, मुर्शिदाबाद जिला पुलिस की एक विशेष टीम द्वारा जांच के बाद अधिकारियों ने दावा किया कि झारखंड में कार्यरत उस श्रमिक ने आत्महत्या की थी। पुलिस ने हत्या की आशंका को खारिज करने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मौके के वीडियो साक्ष्य का हवाला दिया था।

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पुणे में महतो की हत्या ने अब पश्चिम बंगाल के प्रवासी श्रमिकों से जुड़ी घटनाओं की श्रृंखला में एक और कड़ी जोड़ दी है, जिसके कारण मुख्यमंत्री ने कड़ी कार्रवाई की मांग की है और राज्य के बाहर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील दोहराई है।

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