रीको औद्योगिक क्षेत्र बनेंगे भूजल स्तर बढ़ाने की मिसाल, वर्षा जल संचय के लिए हर 50 एकड़ जमीन पर बनेगा रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर

आगामी औद्योगिक क्षेत्रों में लागू होगी व्यवस्था

रीको औद्योगिक क्षेत्र बनेंगे भूजल स्तर बढ़ाने की मिसाल, वर्षा जल संचय के लिए हर 50 एकड़ जमीन पर बनेगा रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर
रीको के आगामी सभी औद्योगिक क्षेत्रों में हर 50 एकड़ (20 हेक्टेयर) भूमि पर एक रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर बनाया जाएगा। प्रत्येक संरचना पर करीब 10 लाख रुपए खर्च। रीको की इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कमेटी ने प्रस्ताव को मंजूरी दी।

अजमेर। रीको प्रशासन ने बारिश के पानी के संरक्षण को लेकर महत्वपूर्ण और सराहनीय कदम उठाया है। अब रीको के आगामी समय में विकसित होने वाले सभी औद्योगिक क्षेत्रों में हर 50 एकड़ (20 हैक्टेयर) भूमि पर एक रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर (आरडब्ल्यू एचएस) बनेगा। इसके लिए प्रति संरचना करीब 10 लाख रुपए की लागत का प्रावधान किया गया है। इस संबंध में रीको के मुख्य महाप्रबंधक सिविल अजय गुप्ता ने प्रदेश के सभी इकाई प्रभारियों को आदेश जारी किए हैं। अधिकारिक सूत्रों के अनुसार रीको के निदेशक मंडल की इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कमेटी की बीते 17 सितंबर को हुई बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। अब आगामी सभी औद्योगिक क्षेत्रों में वर्षा जल संचयन संरचनाओं के निर्माण के लिए यह प्रावधान लागू किया गया है।

50 एकड़ पर एक संरचना का प्रावधान :

नई व्यवस्था के तहत औद्योगिक क्षेत्र के प्रत्येक 50 एकड़ यानी 20 हैक्टेयर भूमि के लिए एक रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर रखा जाएगा। इसका उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्रों में बारिश के दौरान बहकर निकलने वाले पानी को संरक्षित कर उसका उपयोग भूजल पुनर्भरण सहित अन्य जरूरतों में करना है। इससे औद्योगिक क्षेत्रों में वर्षाजल संरक्षण को संस्थागत रूप देने की दिशा में कदम बढ़ेगा।

अनुमानित खर्च 10 लाख रुपए  :

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प्रत्येक रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर की अनुमानित लागत 10 लाख रुपए निर्धारित की गई है। यानी किसी औद्योगिक क्षेत्र का आकार बढ़ने के साथ वहां आवश्यक संरचनाओं की संख्या भी उसी अनुपात में तय होगी। रीको की ओर से इसे आगामी औद्योगिक क्षेत्रों की विकास योजना में शामिल किया जाएगा।

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भूजल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम :

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विशेषज्ञों के अनुसार, राजस्थान जैसे जल संकट वाले प्रदेश में औद्योगिक क्षेत्रों में वर्षा जल संचयन की व्यवस्था का विस्तार भूजल संरक्षण के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। औद्योगिक क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में निर्मित क्षेत्र और पक्की सतह होने के कारण बारिश का पानी तेजी से बहकर निकल जाता है। ऐसे में निर्धारित स्थानों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं बनने इस पानी को रोकने और संरक्षित करने में मदद मिल सकती है। उल्लेखनीय है पूर्व में रीको ने औद्योगिक क्षेत्रों में आवंटित 500 या इससे अधिक वर्गमीटर के भूखण्डों पर उद्यमियों के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर के निर्माण को अनिवार्य किया था।

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