एमपीकेसी-ईआरसीपी में कोटा संभाग की 12 सिंचाई परियोजनाएं शामिल, बांधों के रख-रखाव पर 60 लाख रुपए होंगे खर्च
70,500 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होने का मार्ग प्रशस्त
जयपुर। राजस्थान के जल संसाधन क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण खबर है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रयासों के परिणामस्वरूप एमपीकेसी-ईआरसीपी की संशोधित डीपीआर में कोटा, बारां और झालावाड़ जिले की 12 सिंचाई परियोजनाओं को शामिल किया गया है। इससे करीब 70,500 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होने का मार्ग प्रशस्त होगा, जिससे हजारों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
हाल ही में, दिल्ली में आयोजित बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव (जल संसाधन) अभय कुमार की मौजूदगी में यह महत्वपूर्ण सफलता मिली। इससे पहले जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत ने भी केंद्र स्तर पर राजस्थान का पक्ष मजबूती से रखा था। मंत्री रावत ने कहा कि इस निर्णय से कोटा संभाग के किसानों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होगी। इधर, जल संसाधन विभाग ने बांधों और सिंचाई परियोजनाओं के रखरखाव से जुड़े सात कार्यों पर लगभग 60 लाख रुपये खर्च करने की तैयारी की है।
इसके तहत तकली मध्यम सिंचाई परियोजना, एचसीएसपी नहर प्रणाली, सावन-भादो बांध, चामा माइनर, धहरा एवं डोलिया परियोजनाओं में गश्त, सुरक्षा, मरम्मत, बाढ़ तैयारी और मिट्टी भरे बैगों की आपूर्ति जैसे कार्य किए जाएंगे। विभाग ने इन सभी कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

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